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श्रीनगर एयरपोर्ट हो मेजर सोमनाथ शर्मा के नाम पर
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जम्मू। प्रथम परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर सोमनाथ शर्मा की 99वीं जयंती पर करवाड़ा, भलवाल (रायपुर दोमाना) में श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट की ओर से कार्यक्रम हुआ। इसमें उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में ट्रस्ट के सचिव राकेश गंडोत्रा ने कहा कि मेजर सोमनाथ शर्मा के बलिदान को देशवासी कभी भूला नहीं सकते। उनके पराक्रम के कारण ही कश्मीर भारत के पास है। इसलिए युवाओं और देशवासियों को उनकी देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने श्रीनगर एयरपोर्ट का नाम प्रथम परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर सोमनाथ शर्मा के नाम पर रखा जाए। साथ ही मेजर की जयंती पर 31 जनवरी को अवकाश घोषित करने सहित मंदिरों के शहर जम्मू में उनकी प्रतिमा लगाने की भी मांग उठाई है।
गौरतलब रहे कि उनका जन्म 31 जनवरी, 1923 को हिमाचल में हुआ था। वह भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की चौथी बटालियन की डेल्टा कंपनी के कंपनी कमांडर थे। अक्तूबर-नवंबर, 1947 में भारत-पाक संघर्ष में वीरता से शत्रु के छक्के छुड़ा दिए। तीन नवंबर, 1947 को मेजर शर्मा वीरगति को प्राप्त हुए। केंद्र सरकार ने मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं। युवाओं को इनसे सीख लेनी चाहिए।
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कार्यक्रम में ट्रस्ट के सचिव राकेश गंडोत्रा ने कहा कि मेजर सोमनाथ शर्मा के बलिदान को देशवासी कभी भूला नहीं सकते। उनके पराक्रम के कारण ही कश्मीर भारत के पास है। इसलिए युवाओं और देशवासियों को उनकी देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने श्रीनगर एयरपोर्ट का नाम प्रथम परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर सोमनाथ शर्मा के नाम पर रखा जाए। साथ ही मेजर की जयंती पर 31 जनवरी को अवकाश घोषित करने सहित मंदिरों के शहर जम्मू में उनकी प्रतिमा लगाने की भी मांग उठाई है।
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गौरतलब रहे कि उनका जन्म 31 जनवरी, 1923 को हिमाचल में हुआ था। वह भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की चौथी बटालियन की डेल्टा कंपनी के कंपनी कमांडर थे। अक्तूबर-नवंबर, 1947 में भारत-पाक संघर्ष में वीरता से शत्रु के छक्के छुड़ा दिए। तीन नवंबर, 1947 को मेजर शर्मा वीरगति को प्राप्त हुए। केंद्र सरकार ने मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं। युवाओं को इनसे सीख लेनी चाहिए।
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