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खुलासा: पूरी तरह प्रशिक्षित था भारत-पाक सीमा से गिरफ्तार आतंकी

Tue, 27 Sep 2016 05:40 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Tue, 27 Sep 2016 05:40 PM IST
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TRAINED TERRORIST CAUGHT BY ARMY AT LOC
आतंकवादियों से जुड़े हो सकते हैं तार
अखनूर सेक्टर के परगवाल इलाके में शुक्रवार तड़के बीएसएफ ने घुसपैठ करते पाकिस्तानी आतंकी को दबोच लिया था । उसने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं । आतंकी अब्दुल कयूम (32) निवासी सियालकोट ने बताया कि वह लश्कर के मानसेरा कैंप में 2004 में दौर-ए-आम की ट्रेनिंग कर चुका है।
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लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के आकाओं हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन को जानता है। उसके पास पीओके में चल रहे आतंकी कैंपों की कई अहम जानकारियां भी हैं। बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताश्या कि अब्दुल कयूम को कश्मीरी अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी, आसिया अंद्राबी, यासिन मलिक  आदि के बारे में भी बड़ीं जानकारियां हैं। 
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 पाकिस्तानी आतंकी के पास से पाकिस्तानी नंबर के दो सिम वाला नोकिया मोबाइल बरामद हुआ है। सियालकोट के गांव बाजुआं निवासी बाग अली के पुत्र अब्दुल कयूम को बीएसएफ ने पुलिस को सौंप दिया है। 
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इस्लामी मैगजीन कोे इकठ्ठा किया 50 लाख रुपये का फंड

TRAINED TERRORIST CAUGHT BY ARMY AT LOC
डेमो पिक - फोटो : Demp Pic.
उससे पुलिस पूछताछ कर रही है। उसके पास से कई और अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।

कयूम ने पूछताछ में बताया कि कि मुजफ्फराबाद के मानसेरा में दौर-ए-आम की ट्रेनिंग के बाद वो लश्कर के लिए काम करता रहा।

उसे जिहादी साहित्य और गाज्वा और जरार मैग्जीनों के लिए फंड आदि इकट्ठा करने की जिम्मेादरी सौंपी गई थी। उसने 50 लाख रुपये का फंड जुटाकर लश्कर के आमिर मुजाहिद भट को पूरी रकम सौंप दी थी। लश्कर के जमात-उद-दावा और फालाह-ए-इंसानियत नाम के तथाकथित संगठन जिहादी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाते हैं। 

विदेशों में रहते हैं आतंक के आकाओं के बच्चे

TRAINED TERRORIST CAUGHT BY ARMY AT LOC
आतंकी - फोटो : Demo Pic.
उसने बताया कि कुछ समय बाद उसे अहसास हुआ कि हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन जैसे आतंकी आकाओं के न तो बच्चे और न भाई जिहादी गतिविधियों में शामिल होते हैं। वे सब विदेशों में आराम की जिंदगी जी रहे हैं।

जबकि आतंकी संगठनों के आका पाकिस्तान के गरीब बच्चों को गुमराह कर उनका ब्रेनवाश कर उन्हें यह बताकर कि कश्मीर में मुस्लिमों पर भारत द्वारा जुल्म किया जाता है, आतंकी बनने के लिए तैयार करते हैं।

इससे दुखी होकर वह भागकर भारत आने की कोशिश कर रहा था। माना जा रहा है कि उसके साथ अन्य लोग भी थे जो लौट गए।  उल्लेखनीय है किवीरवार को उड़ी सेक्टर में भी दो संदिग्ध पकड़े गए थे।
 
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