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पहले कई बार उग्र हो चुकी है ट्रैफिक पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 29 Nov 2014 12:44 AM IST
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ट्रैफिक पुलिस अपनी ड्यूटी ठीक से निभाने से रही, उलटे वह अपने छोटे-छोटे स्वार्थ या नीली वर्दी की धौंस दिखाते हुए आम लोगों के साथ कई बार उग्र रूप दिखा चुकी है। युवाओं को बुरी तरह पीटने, तो कहीं पैसे मांगने के लिए वाहनों को नहीं जाने देने जैसे मामले सामने आते रहे हैं।
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चार माह पहले एशिया की ओर से चौथे पुल के रास्ते में ट्रैफिक पुलिस ने एक युवक को रुकने का इशारा किया था, लेकिन युवक देख नहीं पाया तो ट्रैफिक पुलिस ने उसे गिरा दिया और जमकर पिटाई कर दी थी। पिटाई से युवक घायल हो गया था। पुलिस ने मार-मार कर उसका हेलमेट भी तोड़ दिया था।
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दूसरा मामला भी एशिया होटल के पास हुआ था। झिड़ी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बस को आगे सिर्फ इस वजह से नहीं जाने दिया गया कि चालक ने पैसे देने से इनकार कर दिया था। तब भी लोगों ने प्रदर्शन किया था।
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इसी तरह से ज्यूल चौक, केसी, कनाल रोड, भगवती नगर पुल और नरवाल सहित कई चौराहों पर टू बाई टू दो बसों, मेटाडोर और आटो लोड कैरियर से बीस से पचास रुपये लेने की बात चर्चा में आती रही हैं।
शहर में मेटाडोर चालकों की ओर से सबसे ज्यादा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, लेकिन उन पर कोई शिकंजा नहीं। इतना ही नहीं ट्रिपल राइडिंग, रेड लाइड जंप और रांग साइड वालों पर भी कोई रोक नहीं लगाई जा रही है।
हादसे के बाद खिसक लिए पुलिसकर्मी
हादसे के तुरंत बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मी रफू चक्कर हो गए। हादसे से संबंधित ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने अपनी जिप्सी तो भगाई ही, साथ में भगवती नगर के आसपास लगे सभी नाके भी हटा लिए गए।