J&K: CRPF डीजी आरआर भटनागर ने दो दिन बाद किया आतंकी हमले की जगह का दौरा
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दक्षिणी कश्मीर के लैथपोरा सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर पर फिदायीन हमले के बाद मंगलवार को सीआरपीएफ के डीजी आरआर भटनागर ने कैंप का दौरा किया। डीजी ने कहा कि पहले से मिले इनपुट केे कारण ही चार आतंकियों को मार गिराया।
उन्होंने आपरेशन में शामिल अधिकारियों और जवानों को शाबाशी देते हुए उन्हें पुरस्कृत भी किया। डीजीपी ने कहा आने वाला समय सुरक्षा बलों के लिए काफी चुनौती भरा रहेगा। फिदायीन हमलों में स्थानीय युवाओं के शामिल होने पर भी गौर किया जा रहा है।
सीआरपीएफ के डीजी आरआर भटनागर ने बताया कि लेथपुरा ट्रेनिंग सेंटर पर हुए फिदायीन हमले के दौरान जवानों ने बड़ी ही तत्परता, सतर्कता और बहादुरी के साथ कार्रवाई की, जिसमें जैश के तीनों आतंकियों को ढेर किया गया और साथ ही जिन ब्लॉक में आतंकी घुसे हुए थे, वहां से अपने अन्य साथियों को सुरक्षित निकाला।
उन्होंने कहा कि जो चार जवान बहादुरी से आतंकियों का मुकाबला करते हुए आपरेशन के दौरान शहीद हुए, जिन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया। उन्हें श्रद्धांजलि दी और जो एक अन्य अधिकारी जो हार्ट अटैक के चलते अपनी जान गवां बैठे उन्हें भी श्रद्धांजलि दी।
CRPF के जवानों का बढ़ाया हौसला
उन्होंने कहा कि उनके यहां आने के पीछे एक ही मुख्य उद्देश था और वो था अपने जवानों और अधिकारियों को शाबाशी देना। पहले से इनपुट के कारण भटनागर ने कहा कि यही कारण था कि हमारे जवान और अधिकारी हमले वाली रात को भी गश्त पर थे और उनकी सतर्कता के चलते तीन फिदायीन हमलावरों में से एक को पहले ही मार गिराया गया जबकि बाकी के दो को एक ब्लाक में ही एंगेज रखा और वहां से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
भटनागर ने यह भी कहा कि पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो सुरक्षा बलों का पलड़ा काफी भारी है और उन्हें काफी कामयाबियां भी हाथ लगी हैं। यह सब सेना, सीआरपीएफ और पुलिस के अच्छे तालमेल का नतीजा है।
आतंकियों द्वारा इस्तेमाल में लाये जाने वाले हथियारों को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए आरआर भटनागर ने कहा कि आतंकी आजकल आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें हार्ड स्टील कोर है, स्टील जैकेटिड बुल्लेट्स, एबीआईब इस्तेमाल हो रहे हैं, जो काफी प्रभावशाली है लेकिन फिर भी हमारे जवानों ने उनका बड़ी ही बहादुरी से मुकाबला किया।