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जम्मू-कश्मीरः टाइटल ऑफ लैंड का पेच निकालेगा निगम, पत्र लिखकर जानकारी मांगी

Sat, 11 Jan 2020 04:30 PM IST
प्रशांत कुमार सतीश वालिया , जम्मू
सतीश वालिया , जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 11 Jan 2020 04:30 PM IST
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Title of land obstacle in building houses under Pradhan Mantri Awas Yojana will be removed
प्रधानमंत्री आवास योजना - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने में टाइटल ऑफ लैंड की बाधा दूर होगी। नगर निगम के राजस्व विंग ने पत्र जारी कर ऐसे मामलों की जानकारी मांगी है, जिनमें लाभार्थी योग्यता होने के बावजूद टाइटल ऑफ लैंड की वजह से आवास योजना के तहत लाभ से वंचित हैं। सहायक आयुक्त राजस्व नगर निगम ने यह जानकारी मांगी है। ऐसे मामलों की पहचान कर प्राथमिकता से हल किया जाएगा। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसी पर संज्ञान लेते हुए यह कसरत शुरू की गई है।

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कुछ मामलों में टाइल ऑफ लैंड में जमीन मालिक के नाम पर नहीं है। मालिक दूसरी जगह पर कार्यरत है, जबकि जमीन पर मौजूदा समय में रह रहा व्यक्ति ही मालिकाना हक जता रहा है। जमीन सरकार की है, लेकिन लोगों ने पैसे ही नहीं भरे हैं। इस कारण जमीन असली मालिक के नाम पर नहीं है।
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अब पीएम आवास योजना के तहत आवेदन तो किए जा रहे हैं, लेकिन टाइटल ऑफ लैंड स्पष्ट नहीं हो रहा था। इस कारण आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया। प्रदेशभर में नगर निगम, नगर परिषद और नगर काउंसिलों ने अधिसूचना जारी की है। इसमें टाइटल ऑफ लैंड के मसलों को स्पष्ट करने को कहा गया है। पहले ऐसे मामले चिह्नित होंगे। इसके बाद जमीन को असली मालिक के नाम पर करने की कवायद शुरू की जाएगी।
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400 मामलों को मिल सकती है हरी झंडी

वर्ष 2019 में केंद्र को भेजे गए छह हजार से ज्यादा मामलों में से केवल 2200 ही मंजूर हो पाए हैं। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में राजस्व रिकॉर्ड में कई खामियां रहीं। इसमें ज्यादातर मामलों में टाइटल ऑफ लैंड को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कई मामलों में एक ही जमीन के ज्यादा मालिक बन गए हैं।

ऐसे में बैंक से भवन निर्माण को पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका इलाकों में 10 फुट रास्ता छोड़ने की शर्त भी बाधा बन रही है। वर्ष 2019 में जेएंडके में आने वाली 69 कमेटियों, छह काउंसिल और 2 नगर निगमों से 6 हजार से ज्यादा मामले योजना के तहत प्रस्तावित किए गए थे। 3800 मामलों में कहीं जमीन आड़े आई तो कहीं गलियां तंग होने के कारण राशि नहीं मिल पाई।

जम्मू शहर में ओल्ड सिटी समेत अन्य इलाकों से 400 से ज्यादा मामले नगर निगम के पास विचाराधीन हैं। इनमें टाइटल आफ लैंड को लेकर पेच है। अब स्थिति स्पष्ट होने पर इन मामलों को मंजूरी मिल सकती है।

टाइटल ऑफ लैंड मसलों की स्थिति क्लियर करने को अधिसूचना जारी की गई

इस फैसले से लाखों गरीबों के घर बन सकेंगे। जो फैसले प्रशासन को लेने चाहिए थे, ऐसे फैसले एलजी प्रशासन से संभव हो पा रहे हैं। आवास योजना में दो ही शर्तें बाधा बन रही थीं। पहली तो जमीन असली मालिक के नाम होनी चाहिए, दूसरी भवन निर्माण की अनुमति होनी चाहिए। दोनों मसलों का हल हो सकेगा और लोग योजना के तहत अपना सपना का घर बना सकेंगे।- राजेंद्र शर्मा, चेयरमैन, हाउसिंग फॉर ऑल

टाइटल ऑफ लैंड मसलों की स्थिति क्लियर करने को अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना में पहले मामलों को चिह्नित किया जाएगा। बाद में कब्जों को नियमित किया जाएगा। इससे जमीन का हक असली मालिक को मिल सकेगा और आवास योजना का लाभ मिल सकेगा।- प्रेम सिंह, एसीआर, जम्मू

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