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Exam Tips: अभिभावक मित्र बनें, हिटलर नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 17 Feb 2015 02:51 PM IST
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जम्मू कश्मीर स्कूली शिक्षा बोर्ड की जम्मू संभाग के समर जोन के अंतर्गत आने वाले इलाकों में दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। ऐसे में विद्यार्थियों को अब कम समय में सब कुछ व्यवस्थित तरीके से याद करना और समझना होगा। विशेषज्ञों की यह सलाह है कि विद्यार्थी हर समय पढ़ने में ही न लगे रहें, खेलने के साथ साथ सहपाठियों से ग्रुप डिस्कशन के लिए भी समय निकालें। इससे तैयारी को निखारा जा सकेगा।
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बोर्ड परीक्षा में बैठने जा रहे परीक्षार्थियों को डोगरा अकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल की वाइस प्रिंसिपल निर्मल कौल की सलाह है कि परीक्षा के दौरान अभिभावकों की भूमिका सबसे अधिक बढ़ जाती है। हर समय परीक्षा का दबाव डालकर बच्चे को मानसिक उलझन में न डालें। अभिभावक पढ़ाई के साथ बच्चे को इस दौरान भी खेलने का पूरा अवसर दें। उसे अपने साथ पढ़ने वाले साथी छात्रों से डिस्कशन का मौका दें।
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इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और विद्यार्थी पाठ को ठीक से तैयार कर सकेगा। अभिभावक बच्चे के मित्र बनकर उनसे व्यवहार करें, कभी भी बच्चे को यह नहीं लगना चाहिए कि उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। उन्हें सपोर्ट मिला तो वे अपनी परेशानी आपसे खुलकर साझा कर सकेंगे। इससे उनकी तैयारी तो अच्छी होगी ही, परीक्षा का तनाव भी कम होगा।
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बच्चों, यह भी जरूरी है
- अपनी परेशानी अभिभावकों के सामने खुलकर रखें
- सहपाठियों के साथ ग्रुप डिस्कशन को भी दें वरीयता
- बच्चों पर अभिभावक नहीं डालें मानसिक दबाव
- हर समय किताबों में ही उलझे नहीं रहें
- डोगरा अकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल की वाइस प्रिंसिपल निर्मल कौल