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J&K: 12वीं की तीन छात्राओं ने एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 27 May 2016 10:38 PM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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रियासत की तीन महिला एनसीसी कैडेट ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर राज्य का नाम रोशन किया है। राज्यपाल एनएन वोहरा ने इन छात्राओं को उनके साहस के लिए बधाई दी है।
सेना की उत्तरी कमांड के प्रवक्ता कर्नल डीएस गोस्वामी ने बताया कि राज्य में पहली बार तीन एनसीसी कैडेट सेंजिलन लक्षित, ताशी तक्षित और तेसरिंग एंगमो ने सकुशल एवरेस्ट को फतह किया। वे उस टीम का हिस्सा थीं जो 22 मई को एवरेस्ट की चोटी पर पहुंची थी।
उन्होंने बताया कि तीनों एनएनसी कैडेट गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल लेह में 12वीं की छात्राएं हैं। एवरेस्ट फतह करने के लिए तीनों छात्राएं पिछले दो साल से कड़ी मेहनत कर रही थीं।
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सेना की उत्तरी कमांड के प्रवक्ता कर्नल डीएस गोस्वामी ने बताया कि राज्य में पहली बार तीन एनसीसी कैडेट सेंजिलन लक्षित, ताशी तक्षित और तेसरिंग एंगमो ने सकुशल एवरेस्ट को फतह किया। वे उस टीम का हिस्सा थीं जो 22 मई को एवरेस्ट की चोटी पर पहुंची थी।
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उन्होंने बताया कि तीनों एनएनसी कैडेट गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल लेह में 12वीं की छात्राएं हैं। एवरेस्ट फतह करने के लिए तीनों छात्राएं पिछले दो साल से कड़ी मेहनत कर रही थीं।
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सियाचिन बैटल स्कूल में ली ट्रेनिंग
माउंट एवरेस्ट
- फोटो : Getty
एवरेस्ट पर जाने से पहले 100 कैडेट को ट्रायल के जरिए चुना गया था। चयनित कैडेट्स को दार्जलिंग में स्पेशल माउंटेन कोर्स करवाया गया। इसके बाद 40 कैडेट ने हिमाचल प्रदेश के मनाली में माउंट डियो तिबा (19688 फुट) पर अप्रैल-मई 2015 में चढ़ाई की।
इसके बाद 15 कैडेट को अगले चरण के लिए चुना गया। अगले चरण में इन कैडेट ने अगस्त 2015 में माउंट त्रिशूल (23360 फुट) पर फतह हासिल की। माउंट त्रिशूल की चोटी फतह करने के बाद 10 छात्राओं को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने के लिए चुना गया। इन दस कैडेट को सियाचिन में भारतीय सेना के सियाचिन बैटल स्कूल में एक महीने की कड़ी ट्रेनिंग दी गई।
एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए पर्वतारोहियों को दो टीमों में बांट गया था। ट्रेनिंग के दौरान जो कुछ उन्होंने सीखा वह एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने में उनके काम आया। पहली टीम ने 21 मई को तो वहीं दूसरी टीम ने 22 मई को एवरेस्ट पर फतह हासिल की। सेना के प्रवक्ता ने कहा कि तीनों छात्राओं की इस सफलता से एनसीसी कैडेट गौरवांवित महसूस कर रहे हैं।
इसके बाद 15 कैडेट को अगले चरण के लिए चुना गया। अगले चरण में इन कैडेट ने अगस्त 2015 में माउंट त्रिशूल (23360 फुट) पर फतह हासिल की। माउंट त्रिशूल की चोटी फतह करने के बाद 10 छात्राओं को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने के लिए चुना गया। इन दस कैडेट को सियाचिन में भारतीय सेना के सियाचिन बैटल स्कूल में एक महीने की कड़ी ट्रेनिंग दी गई।
एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए पर्वतारोहियों को दो टीमों में बांट गया था। ट्रेनिंग के दौरान जो कुछ उन्होंने सीखा वह एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने में उनके काम आया। पहली टीम ने 21 मई को तो वहीं दूसरी टीम ने 22 मई को एवरेस्ट पर फतह हासिल की। सेना के प्रवक्ता ने कहा कि तीनों छात्राओं की इस सफलता से एनसीसी कैडेट गौरवांवित महसूस कर रहे हैं।