EXCLUSIVE: जम्मू-कश्मीर पर मंडरा रहा है बड़े भूकंप का खतरा
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भूकंप के लिहाज से अतिसंवेदनशील श्रेणी में शुमार जम्मू-कश्मीर पर बड़ी तबाही का खतरा मंडरा रहा है। दक्षिण से लेकर उत्तरी क्षेत्र में हिमालय के 300 किलोमीटर लंबे विस्तार में भूगर्भीय हलचल लगातार तेज हो रही है। इससे भी चिंताजनक रियासी फाल्ट के हालात हैं, जिसके दोनों सिरे टूट चुके हैं लेकिन रियासी फाल्ट पर लगातार टूट-फूट होने के बावजूद भूकंप के झटके महसूस नहीं हो रहे।
जियोलॉजिकल स्टडीज विशेषज्ञों के अनुसार फाल्ट के एक्टिव होने पर भी झटके महसूस नहीं होना और भी खतरनाक है। यह बड़े भूकंप की संभावना को बढ़ाने वाला क्रम है। जम्मू यूनिवर्सिटी के जियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. नवीन हक्खू के अनुसार रियासी फाल्ट बेहद एक्टिव है, लेकिन, पिछले 200 वर्ष के इतिहास में इस फाल्ट पर कोई भूकंप डिटेक्ट नहीं हुआ है। जबकि, इसी फाल्ट के दोनाें सिरे बुरी तरह से टूट चुके हैं।
हिमाचल के कांगड़ा में वर्ष 1905 और मुजफ्फराबाद में वर्ष 2005 में बड़ा भूकंप आ चुका है। डॉ. हक्खू ने बताया रियासी फाल्ट के एक्टिव होने से ही भीतरी चट्टानें टूटकर मुड़तीं या फिर चलती जा रहीं हैं। ऐसे हालात में यदि भूकंप के छोटे झटके भी महसूस नहीं हो रहे, तो इसे बड़े भूकंप का आधार तैयार होने का क्रम माना जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ हो रहे हैं कमजोर
इंडो गैंगेटिक प्लेन से लेकर तिब्बती पठार तक हिमालय का 300 किलोमीटर लंबा विस्तार है। इंडियन प्लेट हर साल यूरेशियन प्लेट के साथ 5 मिलीमीटर आगे बढ़कर टकरा रही है। इससे पांच बड़े फाल्ट बन गए हैं, जिनमें रियासी फाल्ट भी शामिल है।
पांचों फाल्ट मिलकर जम्मू-कश्मीर के पहाड़ों को कमजोर कर रहे हैं। यही वजह है कि टकराव से ऊर्जा निकल रही है। इससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं। रियासी फाल्ट में ऊर्जा तो निकल रही है, लेकिन बाहर नहीं आ रही जो चिंताजनक है।