कश्मीर में धमकी भरे पोस्टर, वापस जाएं टेलीकॉम कंपनियां
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वहीं सोपोर में करीब दो सप्ताह से अधिक समय से टेलीकॉम कंपनियों के आउटलेट बंद पड़े हैं। इतना ही नहीं पोस्टरों पर उन लोगों को भी धमकी दी गई है जिन्होंने अपनी जमीन पर मोबाइल टावर लगवाए हुए हैं।
उनसे कहा गया कि वह जल्द इन टॉवरों को हटवाएं नहीं तो अंजाम ठीक नहीं होगा। इसके अलावा उन्होंने इलाके में टॉप आतंकी कमांडरों के मारे जाने और कई की गिरफ्तारी का जिम्मेदार भी मोबाइल कंपनियों को ठहराया गया है।
उन्हें जल्द अपना बिजनेस बंद करने को कहा गया है।
सात दिनों के भीतर रिचार्ज करना बंद करें
सोपोर के मुख्य चौक और रहीम साहिब इलाकों में लगे इन पोस्टरों में साफ अक्षरों में लिखा गया है कि हम इन मोबाइल कंपनियों को चेतावनी देते हैं कि इलाके में अपनी नेटवर्किंग बंद करें, अपने दफ्तरों को भी बंद करें और रिचार्ज करना भी बंद करें।
इसके अलावा हम रिटेल शॉप वालों को भी चेतावनी देते हैं कि सात दिनों के भीतर रिचार्ज करना बंद करें नहीं तो वह खुद जिम्मेदार होंगे। जिनके घरों में टॉवर लगे हैं अगर उन्होंने नहीं हटवाए तो उन्हें गोली मार दी जाएगी।
पोस्टरों पर सैफुल्लाह नामी शख्स की ओर से धमकी दी गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पोस्टर इलाके में शनिवार शाम को देखे गए। जब रहीम साहिब इलाके से सेना और एसओजी की पेट्रोलिंग पार्टी गुजरी तो उन्होंने पोस्टर अपने कब्जे में ले लिए।
'इन नाम का कोई आतंकी संगठन नहीं'
इस घटना को लेकर कश्मीर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस सईद जावेद मुज्तबा गिलानी ने कहा कि वह स्वयं टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधियों से बात करेंगे और उन्हें आउटलेट खोलने के लिए मनाएंगे।
उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-इस्लाम नाम का कोई भी आतंकी संगठन नहीं है। यह किसी की शरारत लगती है। गिलानी के अनुसार वह मामले में जांच कर रहे हैं और जल्द इन शरारती तत्वों को धर दबोचा जाएगा।
गौरतलब है कि आतंकियों द्वारा तीन मोबाइल कंपनियों के कर्मचारियों को धमकाया गया। जब करीब दो सप्ताह पूर्व सोपोर के बदामबाग इलाके से एक टॉवर पर लगी हाईटेक कम्युनिकेशन डिवाइस गायब हो गई।
तबसे ही सभी मोबाइल कंपनियों के आउटलेट इलाके में बंद पड़े हैं।