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जटिल टैक्स प्रणाली सुधारने की जरूरत : द्राबू

Thu, 31 Dec 2015 02:36 PM IST
Updated Thu, 31 Dec 2015 02:36 PM IST
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there should be lots of changes in taxasion said drabu

वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने स्वीकार किया कि रियासत की कर प्रणाली में परिवर्तन समय की जरूरत है। उद्यमियों और व्यापारियों की शिकायतों के बाद बुधवार को चैंबर भवन पहुंचे डा. द्राबू ने कहा कि स्टेट की जटिल टैक्स प्रणाली को सुधारने की जरूरत है।

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इसमें व्यापारियों और उद्यमियों का भी सहयोग चाहिए। सरकार का प्रयास है कि ऐसी टैक्स प्रणाली हो, जिससे न तो कारोबारियों को समस्या हो और न ही सरकार के राजस्व में किसी तरह की कमजोरी आए।
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डा. द्राबू रियासत के पहले वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने जम्मू चैंबर भवन पहुंच रियासत की ‘क्रीम लेयर’ को संबोधित किया और उनसे रूबरू हुए। इस दौरान व्यापारियों ने खुलकर सवाल-जवाब किए।
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इस दौरान वित्तीय आयुक्त सचिव नवीन चौधरी, चैंबर के प्रेसीडेंट राकेश गुप्ता, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट शामलाल लंगर, जनरल सेक्रेटरी अरुण गुप्ता भी उपस्थित थे।

व्यापारियों ने रियासत के प्रवेश द्वार लखनपुर टोल प्लाजा में व्यापारियों को होने वाली समस्याएं वित्त मंत्री के समक्ष उठाईं। उनका कहना था कि इंडस्ट्री के वार्षिक मूल्यांकन का मामला हो चाहे वैट 65 का मुद्दा, उद्यमी हमेश परेशान हुए।

व्यापारियों ने पैडी हस्क (धान का छिलका) पर टैक्स का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि आरएस पुरा के शैलर से बाहर के व्यापारी हस्क ले जाते थे, लेकिन इस पर सरकार ने भारी टोल टैक्स लगा दिया है। जिसके कारण व्यापारी पंजाब का रुख कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने इस मामले में विचार करने का आश्वासन दिया।

वित्त मंत्री के सामने उठा वालमार्ट का मुद्दा

there should be lots of changes in taxasion said drabu

व्यापारियो ने वित्त मंत्री के साथ वालमार्ट का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि उन्हें सिर्फ होलसेल व्यापार करने की अनुमति है, लेकिन वह आम लोगों को दालें तक बेच रहे हैं।

व्यापारियों ने वित्त मंत्री से वालमार्ट द्वारा कारोबारियों के नाम पर जारी कार्ड खारिज करने और सिर्फ 25 हजार से ज्यादा सामान खरीदने वाले व्यापारियों को कार्ड की सुविधा देने की मांग की।

साथ ही कार्ड जारी करने से पहले व्यापारी के सेल्स टैक्स नंबर वगैरह दर्ज किया जाए और माल खरीदने वालों की भी जांच की जाए। विभाग की टीमें बाकायदा इस मामले पर पैनी नजर रखें।

चैंबर भवन में वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू उस वक्त हैरान हो गए, जब धन्यवाद ज्ञापन देते हुए चैंबर के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट शामलाल लंगर ने टैक्स में कमीशन की मांग कर डाली।

इससे पूरा हाउस खिलखिला उठा। लंगर ने कहा कि व्यापारी लाखों-करोड़ों का माल उधार में बेचते हैं। उनकी पेमेंट तीन-तीन माह तक नहीं आती, लेकिन व्यापारी हर क्वार्टर में सरकार का वैट जमा करवा देता है।

भले ही उसे कर्ज क्यों न लेना पड़े। यानी व्यापारी सरकार का टैक्स काटकर जमा तक करवाता है तो चैंबर को भी उसमें कुछ कमीशन मिलना चाहिए। हालांकि चैंबर के कांफ्रेंस हाल और अन्य मनोरंजन सुविधाओं के लिए डा. द्राबू ने इस बार बजट में कुछ प्रावधान करने का आश्वासन पहले ही दे दिया।

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