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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   The trial of stone-peltersj will end in Kashmir

कश्मीर में साढे़ चार हजार पत्थरबाजों के मुकदमों की वापसी संभव

Sun, 05 Feb 2017 11:09 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू Updated Sun, 05 Feb 2017 11:09 AM IST
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The trial of stone-peltersj will end in Kashmir
सुरक्षाबलों पर पथराव करते युवक - फोटो : File Photo
कश्मीर में विश्वास बहाली के लिए अधिकांश पत्थरबाजों को रिहा कर दिया गया है। रिहाई का क्रम जारी है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के आदेश से हर मामले की समीक्षा हो रही है।
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समीक्षा के बाद 30 साल से कम उम्र के 4506 पत्थरबाजों के मुकदमे वापस लेने की कवायद तेज है। इसमें 18 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या 519 है जबकि 18 से 30 वर्ष के बीच के 3987 लोग इस सूची में शुमार हैं। भाजपा ने पहले पत्थरबाजों की रिहाई का विरोध किया था, लेकिन, बाद में खामोशी ओढ़ ली। पीएसए में 522 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।
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इनमें से 257 रिहा हो चुके हैं। अब पीएसए में सिर्फ 265 लोग बंद हैं। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पत्थरबाजों की रिहाई के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को विश्वास में ले लिया है।
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उपचुनाव के लिए महबूबा बना रहीं रणनीति

The trial of stone-peltersj will end in Kashmir
kashmir - फोटो : PTI
दरअसल, अनंतनाग और श्रीनगर लोकसभा क्षेत्रों के लिए उप चुनाव होने वाले हैं। श्रीनगर से पीडीपी के तारिक हमिद कर्रा के इस्तीफे के बाद सीट खाली हुई जबकि मुख्यमंत्री बनने के बाद महबूबा ने अनंतनाग सीट छोड़ी है।

दोनों ही सीटें पीडीपी के लिए महत्वपूर्ण हैं। अनंतनाग मुफ्ती परिवार के प्रभुत्व वाली सीट है जहां से मुफ्ती मोहम्मद के पुत्र और महबूबा के भाई मुफ्ती तसद्दुक सईद का चुनाव लड़ना तय है। उप चुनाव से पहले जख्मों पर मरहम लगाने का काम पूरा करने के अभियान के तहत सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए पत्थरबाजों के परिवारों को 5 लाख का मुआवजा और परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी देने की प्रक्रिया भी तेज है। 

गृह विभाग के दस्तावेज के अनुसार कश्मीर हिंसा के क्रम में पत्थरबाजों पर 2655 मुकदमे दर्ज किए गए थे। कुल 8587 लोग गिरफ्तार हुए। इनमें से 8473 को रिहा किया जा चुका है। अब सिर्फ 114 लोग जेलों में बंद हैं। समीक्षा के बाद इनमें से भी 35 की रिहाई को मंजूरी मिल चुकी है। इन मामलों में 30 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 1320 है।

अशांति फैलाने की आशंका में 2761 लोगों को बंद किया गया जबकि 5826 लोग सीधे तौर पर पत्थरबाजी से जुड़े रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी कर दिए हैं कि जिन लोगों की रिहाई हो रही है, उन्हें दोबारा गिरफ्तार नहीं किया जाए। पहले पीएसए के तहत बंद कुछ लोगों को रिहा किए जाने के बाद दोबारा अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था। 
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