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'जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे का अपमान किया जा रहा'
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sun, 15 May 2016 10:32 PM IST
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उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं।
- फोटो : Amar Ujala
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राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने एनईईटी और एनएफएसए को राज्य में लागू करने को स्वायत्तता के लिए खतरा बताया है।
बीरवाह विधानसभा क्षेत्र में जनसभाओं के दौरान उमर ने कहा कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे का अपमान किया जा रहा है। केंद्रीय अधिनियमों को राज्य विधानसभा की मंजूरी के बिना लागू किया जा रहा है। यह खतरे की घंटी है। उमर ने कहा अनुच्छेद 370 और विशेष दर्जे को कमतर करने की कवायद में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पूरी तरह से शामिल हैं।
नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट को जम्मू कश्मीर में लागू करने से पूर्व यदि विधानसभा में संशोधन किया जाता तो राज्य की अवाम के अधिकार सुरक्षित किए जा सकते थे। इसी तरह से शिक्षा समवर्ती सूची में न होकर राज्य सूची में शामिल है, लेकिन राज्य सरकार ने एनईईटी के अधिकार क्षेत्र को राज्य तक विस्तार देने से पूर्व कोई विरोध नहीं किया।
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यह दर्शाता है कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को प्रभावित करने के लिए भाजपा और पीडीपी के बीच पहले से सहमति बन चुकी है। उमर ने कहा नेशनल कांफ्रेंस राज्य के विशेष दर्जे को बरकरार रखने में संघर्ष करती रही है।
पार्टी राज्य में 1953 के पूर्व की व्यवस्था के लिए संघर्ष तेज करेगी। किसी भी सूरत में अनुच्छेद 370 को कमजोर करने की कोशिशों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। बीरवाह विधानसभा क्षेत्र दौरे में उन्होंने बोनहामा, इसकंदरपोरा, चेक कावूसा और सोजेथ में जनसभाओं को संबोधित किया।
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बीरवाह विधानसभा क्षेत्र में जनसभाओं के दौरान उमर ने कहा कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे का अपमान किया जा रहा है। केंद्रीय अधिनियमों को राज्य विधानसभा की मंजूरी के बिना लागू किया जा रहा है। यह खतरे की घंटी है। उमर ने कहा अनुच्छेद 370 और विशेष दर्जे को कमतर करने की कवायद में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पूरी तरह से शामिल हैं।
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नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट को जम्मू कश्मीर में लागू करने से पूर्व यदि विधानसभा में संशोधन किया जाता तो राज्य की अवाम के अधिकार सुरक्षित किए जा सकते थे। इसी तरह से शिक्षा समवर्ती सूची में न होकर राज्य सूची में शामिल है, लेकिन राज्य सरकार ने एनईईटी के अधिकार क्षेत्र को राज्य तक विस्तार देने से पूर्व कोई विरोध नहीं किया।
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यह दर्शाता है कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को प्रभावित करने के लिए भाजपा और पीडीपी के बीच पहले से सहमति बन चुकी है। उमर ने कहा नेशनल कांफ्रेंस राज्य के विशेष दर्जे को बरकरार रखने में संघर्ष करती रही है।
पार्टी राज्य में 1953 के पूर्व की व्यवस्था के लिए संघर्ष तेज करेगी। किसी भी सूरत में अनुच्छेद 370 को कमजोर करने की कोशिशों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। बीरवाह विधानसभा क्षेत्र दौरे में उन्होंने बोनहामा, इसकंदरपोरा, चेक कावूसा और सोजेथ में जनसभाओं को संबोधित किया।