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भारतीय सेना के साथ आगे बढ़ेगा उद्योग
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 22 May 2016 12:25 AM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह
- फोटो : PTI
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देश भर में तेजी से आ रहे परिवर्तन में राज्य के उद्योग को भी जोश के साथ आगे बढ़ना होगा। मेक इन इंडिया अभियान के तहत स्थानीय उद्योग भारतीय सेना के निर्माण क्षेत्र के कंधे से कंधा मिलाकर स्थापित हो सकता है। निर्माण क्षेत्र में यदि भारतीय सेना का साथ मिल रहा है तो इसे उद्योग जगत को हाथों हाथ लेना चाहिए। औद्योगिक विकास से ही राज्य की आर्थिक उन्नति मुमकिन है।
उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने यह बातें इंडियन आर्मी-इंडस्ट्री राउंड टेबल कांफ्रेंस में कहीं। सेना के सहयोग से पीएचडी चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित गोलमेज सम्मेलन में डा. निर्मल सिंह ने कहा कि पीएचडीसीसीआई और सेना मिलकर रियासत की तकदीर बदल सकते हैं। राज्य सरकार, औद्योगिक संगठन और सेना मिलकर निर्माण क्षेत्र की संभावनाओं को भुना सकते हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री चंद्रप्रकाश गंगा ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में अवसर समझने और उसे भुनाने की दिशा में यह पहला प्रयास किया गया है। स्थानीय उद्योग को यदि सेना और सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर विकसित किया जाए तो औद्योगिक विकास के लिहाज से नया माहौल तैयार किया जा सकता है।
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कांफ्रेंस में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डिप्टी चीफ आफ आर्मी स्टाफ (पीएंडएस) लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा ने कहा जम्मू संभाग में औद्योगिक आधार तैयार किया जा सकता है। रक्षा क्षेत्र से जुड़ी रियासत की 40 फीसदी तैनाती जम्मू संभाग में है, जिसे एक औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण से बड़े बाजार के रूप में देखा जा सकता है।
पीएचडी चैंबर जम्मू रीजन के चेयरमैन विक्रांत कुठयाला ने कहा देश में रक्षा क्षेत्र की निर्माण गतिविधि में तेजी आई है। ऐसे में इस क्षेत्र के उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा संस्थानों में डिफेंस टेक्नोलॉजी विषयों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
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उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने यह बातें इंडियन आर्मी-इंडस्ट्री राउंड टेबल कांफ्रेंस में कहीं। सेना के सहयोग से पीएचडी चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित गोलमेज सम्मेलन में डा. निर्मल सिंह ने कहा कि पीएचडीसीसीआई और सेना मिलकर रियासत की तकदीर बदल सकते हैं। राज्य सरकार, औद्योगिक संगठन और सेना मिलकर निर्माण क्षेत्र की संभावनाओं को भुना सकते हैं।
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उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री चंद्रप्रकाश गंगा ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में अवसर समझने और उसे भुनाने की दिशा में यह पहला प्रयास किया गया है। स्थानीय उद्योग को यदि सेना और सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर विकसित किया जाए तो औद्योगिक विकास के लिहाज से नया माहौल तैयार किया जा सकता है।
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कांफ्रेंस में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डिप्टी चीफ आफ आर्मी स्टाफ (पीएंडएस) लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा ने कहा जम्मू संभाग में औद्योगिक आधार तैयार किया जा सकता है। रक्षा क्षेत्र से जुड़ी रियासत की 40 फीसदी तैनाती जम्मू संभाग में है, जिसे एक औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण से बड़े बाजार के रूप में देखा जा सकता है।
पीएचडी चैंबर जम्मू रीजन के चेयरमैन विक्रांत कुठयाला ने कहा देश में रक्षा क्षेत्र की निर्माण गतिविधि में तेजी आई है। ऐसे में इस क्षेत्र के उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा संस्थानों में डिफेंस टेक्नोलॉजी विषयों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।