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वैष्णो देवी: आग पर पाया गया काबू, अर्द्धकुंवारी-भवन का नया मार्ग एहतियातन बंद
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 19 May 2016 08:08 PM IST
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जंगलों से निकलता धुंआ
- फोटो : Amar Ujala
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बुधवार देर रात त्रिकुटा पहाड़ियों के ताराकोट क्षेत्र में लगी भीषण आग को नियंत्रित करने के लिए वीरवार शाम तक प्रयास जारी रहे। काफी हद तक आग पर नियंत्रण पा लिया गया है।
वायुसेना का हेलीकाप्टर लगातार आग वाले क्षेत्र में पानी की बौछार करता रहा। एहतियातन वीरवार को अर्द्धकुंवारी से भवन जाने वाले नए मार्ग को यात्रियों की आवाजाही के लिए बंद रखा गया।
बैटरी कार सेवा भी ठप रही। दो दिन पहले मंगलवार को गोभियां क्षेत्र की पहाड़ियों की आग पर नियंत्रण पाने में कामयाबी मिली ही थी कि अचानक बुधवार रात को अर्द्धकुंवारी से भवन जाने वाले नए मार्ग के पास ताराकोट क्षेत्र में आग की लपटें उठने लगीं।
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वायुसेना का हेलीकाप्टर लगातार आग वाले क्षेत्र में पानी की बौछार करता रहा। एहतियातन वीरवार को अर्द्धकुंवारी से भवन जाने वाले नए मार्ग को यात्रियों की आवाजाही के लिए बंद रखा गया।
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बैटरी कार सेवा भी ठप रही। दो दिन पहले मंगलवार को गोभियां क्षेत्र की पहाड़ियों की आग पर नियंत्रण पाने में कामयाबी मिली ही थी कि अचानक बुधवार रात को अर्द्धकुंवारी से भवन जाने वाले नए मार्ग के पास ताराकोट क्षेत्र में आग की लपटें उठने लगीं।
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आग बुझाने में लगे वायुसेना के हेलीकाप्टर
यात्रा मार्ग के पास जंगलों में लगी आग
- फोटो : Amar Ujala
आग की खबर मिलते ही तत्काल श्राइन बोर्ड, सीआरपीएफ व वन विभाग के कर्मचारी इस पर नियंत्रण पाने के लिए जुट गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि रात को कामयाबी नहीं मिली।
वहीं वीरवार सुबह आग को बुझाने के लिए वायुसेना के एमआई 17 दो हेलीकाप्टर सलाल झील से पानी लाकर प्रभावित क्षेत्र में बौछार करते रहे। शाम ढलने से पहले आग पर लगभग नियंत्रण पा लिया गया था।
आग की लपटें अर्द्धकुंवारी से भवन जाने वाले मार्ग के समीप थीं, ऐसे में वीरवार को एहतियातन इस मार्ग को भक्तों की आवाजाही के लिए बंद रखा गया। देर शाम तक इस मार्ग को सुचारु रूप से चालू नहीं किया गया था। वहीं कटड़ा-सांझी छत्त के बीच हेलीकाप्टर सेवा के बहाल रहने से यात्रियों को राहत जरूर मिली।
वहीं वीरवार सुबह आग को बुझाने के लिए वायुसेना के एमआई 17 दो हेलीकाप्टर सलाल झील से पानी लाकर प्रभावित क्षेत्र में बौछार करते रहे। शाम ढलने से पहले आग पर लगभग नियंत्रण पा लिया गया था।
आग की लपटें अर्द्धकुंवारी से भवन जाने वाले मार्ग के समीप थीं, ऐसे में वीरवार को एहतियातन इस मार्ग को भक्तों की आवाजाही के लिए बंद रखा गया। देर शाम तक इस मार्ग को सुचारु रूप से चालू नहीं किया गया था। वहीं कटड़ा-सांझी छत्त के बीच हेलीकाप्टर सेवा के बहाल रहने से यात्रियों को राहत जरूर मिली।