शहीद सैनिकों के परिवारों को भी मिलेगी पुलिस के समान सुविधाएं
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श्रीनगर में सीएम महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला किया गया। उड़ी हमले में शहीद हुए जवानों को रियासत सरकार की ओर से आर्थिक मदद उपलब्ध न कराए जाने पर सवाल उठाए गए थे। भाजपा के साथ ही विपक्षी दलों ने भी आर्थिक मदद तथा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी।
यहां तक कहा गया था कि जब दूसरे राज्य अपने निवासी सैनिकों को मदद उपलब्ध करा सकते हैं तो फिर रियासत सरकार को भी इस दिशा में कदम उठाना चाहिए। कैबिनेट में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में सरिता चौहान को एसएसआरबी की चेयरमैन और बबिला रकवाल को स्कूल शिक्षा निदेशक जम्मू के पद पर नियुक्त किया गया।
जम्मू-कश्मीर स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी के गठन को मंजूरी
इसके साथ ही जिला उधमपुर और कठुआ के एसएसपी के तबादलों पर भी मुहर लगाई गई। शैलेंद्र मिश्र को उधमपुर का एसएसपी और पवन परिहार को कठुआ का एसएसपी नियुक्त किया गया है। कैबिनेट में कुछ और भी तबादले हुए हैं। हालांकि, इन फैसलों के संबंध में अभी सरकार की ओर से आदेश जारी नहीं किया गया है।
कैबिनेट ने सेक्रेटिएट सर्विस कैडर रिव्यू करते हुए छह अंडर सेक्रेटरी तथा 11 प्राइवेट सेक्रेटरी पद सृजित करने को मंजूरी दी। जम्मू-कश्मीर स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी के गठन को मंजूरी देते हुए रजिस्ट्रार आफ सोसाइटीज को इसका पंजीकरण कराने को कहा।
रियासत में 3361 आंगनबाड़ी केंद्रों को मंजूरी देने के साथ ही 3361 आंगनबाड़ी कार्यकत्री और 3361 हेल्पर की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। घाटी के बडगाम जिले के ओमपोरा स्थित इंडस्ट्रियल एस्टेट में बायो-टेक पार्क की स्थापना को मंजूरी दी गई। यहां पार्क के लिए 80 कनाल भूमि दी जाएगी।
श्रीनगर-लेह ट्रांसमिशन लाइन के एमओयू को मंजूरी
इसके लिए वित्त विभाग आवश्यक धनराशि स्वीकृत करेगा। ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के लिए राज्य सरकार सभी टैक्स माफ करेगी। 332 किलोमीटर लंबी यह लाइन श्रीनगर-जोजिला-द्रास-कारगिल-खालस्ती होते हुए लेह पहुंचेगी।
इस पूरे प्रोजेक्ट पर 1788 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह प्रोजेक्ट जनवरी 2014 में स्वीकृत हुआ था और सितंबर 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ह्यूमन रिसोर्स सप्लाई एंड सर्विस कारपोरेशन गठित
विभिन्न विभागों में बिना किसी तय मानदंड के वे कार्यरत हैं। इनमें से ज्यादा कर्मचारी गरीब हैं तथा उनके पास शैक्षिक तथा तकनीकी योग्यता नहीं है। ऐसे कर्मचारियों की क्षमता के अधिकतम उपयोग के लिए यह कारपोरेशन बनाया गया है।
कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर आईटी सर्विस सृजित करने को मंजूरी दी गई। इससे आईटी सर्विस से जुड़े सभी कर्मचारियों को पुल कर लिया जाएगा। जहां जरूरी होगा वहां उनकी सेवाएं ली जाएंगी।