सेना के प्रहार से बिलबिलाए आतंकी कर रहे सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल, इन वारदातों ने खोले कई राज
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एक ओर घाटी के हालात तेजी से बदल रहे हैं तो दूसरी ओर आतंकवादी व सीमा पार बैठे आतंक के आका जन्नत की हवा में जहर घोलने की नापाक कोशिशें कर रहे हैं। घाटी में तेजी से आतंक के खात्मे से आतंकी संगठन बौखलाहट में हैं। इसी को लेकर आतंकी संगठनों की ओर से आए दिन नए-नए तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। वहीं सेना की सतर्कता उनके नापाक मंसूबों के फन कुचल रही है।
इस साल आतंकियों की सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़ और पंजाब में ड्रोन से हथियार गिराने, चार आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जनवरी में बांदीपोरा में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी सरफराज के पास से एक सैटेलाइट फोन बरामद हुआ था। वहीं सोपोर में मारे गए आतंकियों के पास से भी एक सैटेलाइट फोन मिला था।
केंद्र सरकार की आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति व प्रदेश से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से आतंकवादी मोबाइल फोन की जगह सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। घाटी में मोबाइल सेवा बंद होने के बाद से आतंकी सीमा पार बैठे अपने आकाओं से संपर्क में रहने के लिए सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ड्रोन से हथियार गिराने और चार आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद हुआ था बड़ा खुलासा
वहीं एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा उस दौरान हुआ जब पंजाब में ड्रोन से हथियार गिराने और चार आतंकियों की गिरफ्तारी हुई। इस दौरान पता चला कि पाकिस्तान में शरण लिए खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के सरगना रंजीत सिंह नीटा ने पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर आतंकवादी आकाशदीप सिंह को हथियारों से भरे ड्रोन की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। आकाशदीप बरामद किए गए सैटेलाइट फोन से पाकिस्तान में बैठे नीटा के साथ संपर्क में रहता था।
मोबाइल फोन की अपेक्षा सैटेलाइट फोन के जरिए हो रही कॉल को ट्रैस करने में दिक्कत आती है। आसानी से इस कॉल के जरिए हो रही बात को सुना नहीं जा सकता है। वहीं घाटी में आतंकियों की हर गतिविधि पर सेना की पैनी नजर है। इसको लेकर सक्षम अधिकारी सेना को निर्देश भी दे चुके हैं।
कल यानी कि गुरुवार को भी बीएसएफ के एडीजी ऑपरेशंस (फ्रंटियर हेडक्वार्टर नई दिल्ली) नसीर कमाल ने घुसपैठ रोकने व अन्य सुरक्षा तैयारियों के बारे में जायजा लिया था। इस दौरान एडीजी ने जवानों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने और गश्त बढ़ाने की हिदायत दी थी। उन्होंने दुश्मनों की हरकत पर पैनी नजर रखने को कहा। इसके साथ ही किसी भी नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने का निर्देश भी दिया।