फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   terrorist will attack during election

कश्मीर में आतंकियों ने बुनी चुनावों में खलल डालने की साजिश

Sun, 19 Mar 2017 11:25 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू Updated Sun, 19 Mar 2017 11:25 AM IST
विज्ञापन
terrorist will attack during election
आतंकवादी - फोटो : Demo Pic.
आतंकी संगठनों ने लोकसभा उपचुनाव और पंचायत चुनावों में खलल डालने की साजिश बुनी है। अलगाववादियों द्वारा चुनावों के बहिष्कार की घोषणा के बाद उपद्रवी तत्वों की सक्रियता बढ़ रही है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि उपचुनाव से पहले पाकिस्तान की ओर से आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिशें तेज हो सकती हैं।
विज्ञापन


इस दौरान पाकिस्तान की ओर से बार्डर और एलओसी पर सीजफायर के उल्लंघन की घटनाओं में भी इजाफे की आशंका है। घाटी में पहले से मौजूद आतंकियों को स्थानीय लोगों की मदद ने समस्या को और उलझा दिया है। 
विज्ञापन


श्रीनगर और अनंतनाग लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव 9 और 12 अप्रैल को होना तय है। उसके बाद पंचायत चुनाव होंगे। इस बीच 17 सितंबर को एमएलसी की छह सीटों पर मतदान होना है। अलगाववादी गुट हर चुनाव में बहिष्कार की अपील करते रहे हैं, लेकिन इस बार स्थिति उनके ज्यादा अनुकूल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले चुनावों में आम लोगों ने अलगाववादियों की अपीलों को धता बताते हुए भारी मतदान किया था, लेकिन आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद पांच महीने में हिंसा की आग में झुलसे कश्मीर में उपद्रवी तत्वों का दबदबा अब भी कायम है। यही कारण है कि चुनाव आयोग को महज दो सीटों के लिए उपचुनाव की तिथियां दो चरणों में तय करनी पड़ीं।

इसलिए बढ़ी सुरक्षाबवों के लिए चुनौती

terrorist will attack during election
आतंकवादी - फोटो : Demo Pic.
चुनावों से पहले बड़े आतंकी हमले की आशंका बनी हुई है। इनपुट के मुताबिक आतंकी सैन्य ठिकानों और पुलिस-प्रशासन के प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं। पाकिस्तान की ओर से इस साल के दो महीनों में सीमा और नियंत्रण रेखा पर 36 बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ है।

एलओसी पर पाकिस्तान ने 30 बार गोलाबारी कर आतंकियों को घुसपैठ के लिए कवर फायर देने की कोशिश की है। सुरक्षा बलों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक एलओसी से घुसपैठ की आशंका अधिक है। पिछले साल पाकिस्तान ने एलओसी पर 228 बार सीजफायर तोड़ा। आतंकियों की साजिश के मद्देनजर सेना ने एलओसी पर गश्त तेज की है। 

कश्मीर हिंसा के दौरान बारामुला के बाद श्रीनगर में सबसे अधिक बार कर्फ्यू लगाने की नौबत आई। आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा ने वोट नहीं डालने की चेतावनी के साथ पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। इस पृष्ठभूमि में सुरक्षा बलों की चुनौतियां बढ़ गईं हैं। सेना और सुरक्षा बलों द्वारा घाटी में मौजूद आतंकियों के सफाए के लिए चलाए जा रहे अभियान में स्थानीय लोगों की द्वारा बाधा डाले जाने से नई चुनौतियां खड़ी हुईं हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed