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सैन्य वर्दी को ढाल बना रहे आतंकी

Fri, 20 Mar 2015 09:41 PM IST
Updated Fri, 20 Mar 2015 09:41 PM IST
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terrorist using army uniform for attacks

बाजार में सहज उपलब्ध सैन्य वर्दी आतंकियों के लिए ढाल बन गई है। सैन्य वर्दी में आतंकी सामने होते हुए भी बच निकलने में सफल हो जाते हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में सैन्य वर्दी न सिर्फ आतंकियों के लिए बेहद कारगर साबित हुई, बल्कि सुरक्षा बलों को असहाय भी करती रही है। शुक्रवार को फिर ऐसा ही हुआ।

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सैन्य वर्दी पहने आतंकियों ने आसानी से नागरिकों को बंधक बनाया और पुलिस थाने में दाखिल होने में कामयाब हो गए। पुलिस थाने के मुख्य गेट पर संतरी ने सैन्य वर्दी का गच्चा खाया। इसके बाद शुरुआती समय में सुरक्षा बलों को आतंकी बिल्कुल सामने नजर आए, लेकिन सैन्य वर्दी पहने होने की वजह से वह उन पर गोली नहीं चला पाए।
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जिला अस्पताल में भर्ती सीआरपीएफ के जवान झंकार प्रकाश ने बताया कि आतंकी हमला होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद बल के जवान वाहन के साथ थाने की तरफ गए। वह वाहन के ऊपर चढ़ा हुआ था। उसने दोनों आतंकियों को दो बार बिल्कुल पास से देखा। उस समय तक यह स्पष्ट नहीं था कि वह सैन्य वर्दी पहने आतंकी हैं या नहीं।
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यदि उन्हें इस बात का पता होता तो वह आसानी से दोनों आतंकियों को शूट कर सकते थे। लेकिन वह कुछ समझ पाते इससे पहले ही आतंकियों ने उनके वाहन पर गोलियां बरसा दीं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हीरानगर पुलिस थाने पर 27 सितंबर 2013 को किए गए आतंकी हमले के दौरान भी सैन्य वर्दी पहने आतंकियों को सैन्य जवान समझकर थाने में प्रवेश दे दिया गया था।

सैन्य वर्दी की बिक्री पर लगे रोक

terrorist using army uniform for attacks

आतंकी वारदात की विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने निंदा की है। लोगों ने सरकार से खुलेआम सेना की वर्दी की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। पूर्व विधान परिषद सदस्य सुभाष गुप्ता ने घटना की निंदा करते हुए लोगों से एकजुटता बनाए रखने की बात कही है।

वहीं जन सेवा संस्थान के शशि शर्मा ने कहा कि हर बार आतंकी इसी तरह से खूनी खेल खेलकर सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हैं। कठुआ में लगातार तीसरा आतंकी हमला हाल ही के कुछ सालों में हुआ है। उन्होंने कहा कि सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ मामले में हर बार बीएसएफ पल्ला झाड़ लेती है।

इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी जब हीरानगर और जंगलोट सैन्य कैंप पर हुए आतंकी हमलों में भी सुरक्षा बलों की वर्दी का इस्तेमाल किया गया था। नेशनल कांफ्रेस के जिला अध्यक्ष ध्यान चंद ने कड़े शब्दों में आतंकी हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार सुरक्षा को सुनिश्चित करने में नाकाम साबित हो रही है।

उन्होंने लोगों से एकजुट होकर देशविरोधी ताकतों को नाकामयाब करने को कहा। बजरंग दल की जिला इकाई ने भी आतंकी हमले की निंदा की। जिला संयोजक संजय ललोत्रा ने कहा कि मुफ्ती सरकार ने सत्ता में आते ही आतंकियों को रिहा करने का काम शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ सेना हटाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में निहत्थे लोगों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जा रहा है।

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