फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   terrorist strategy

Jammu News: पाकिस्तान की नई साजिश, आतंकियों तक पहुंची तरल आईईडी

विज्ञापन
terrorist strategy
-पुलवामा में पिछले दिनों मारे गए लश्कर कमांडर रियाज डार व उसके साथी ने की थी तैयार
विज्ञापन

घाटी में 17 साल बाद देखी गई तरल आईईडी की वापसी
जम्मू। अमन और खुशहाली की ओर बढ़ रहे जम्मू-कश्मीर को लेकर आतंकवादियों और पाकिस्तान में छिपे उनके आकाओं में जबर्दस्त बौखलाहट है। कश्मीर में लगातार मुंह की खाने के बाद अब आतंकवादी जम्मू संभाग में अशांति फैलाने की साजिश रच रहे हैं। अब आतंकी तरल आईईडी का इस्तेमाल करने की साजिश कर रहे हैं। घाटी में करीब 17 साल बाद तरल आईईडी ( तरल विस्फोटक पदार्थ) की वापसी देखी गई है। जम्मू कश्मीर पुलिस को हाल ही में एक आतंकी ठिकाने पर छापेमारी के दौरान से तरल विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ है। इस लिक्किड इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (लिक्विड आईईडी) का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए इसे डी2डी यानी डिफिकल्ट टू डीटेक्ट कैटेगरी में रखा गया है।
इस महीने की शुरुआत में पुलवामा में हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-ताइबा का सबसे पुराना आतंकी कमांडर रियाज डार उर्फ सथार और उसका साथी रईस डार मारा गया था। इसी दौरान पुलिस ने आतंकियों के एक ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया। इसी ओजीडब्ल्यू से तरल आईईडी (विस्फोटक पदार्थ) बरामद हुआ है। मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस ने लश्कर आतंकवादियों के लिए काम करने वाले ओजीडब्ल्यू के खिलाफ कार्रवाई की और उनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान एक ओजीडब्ल्यू ने बताया कि आतंकवादियों को पुलवामा के निहामा के रहने वाले बिलाल अहमद लोन, सज्जाद गनी और शाकिर बशीर ने आश्रय और रसद प्रदान किया था। इससे आतंकियों के ओजीडब्ल्यू नेटवर्क का खुलासा हुआ और इन तीन आतंकी मददगारों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान ओजीडब्ल्यू ने पुलिस को बताया कि लश्कर-ए-ताइबा के दो आतंकवादियों ने तरल आईईडी तैयार किया है। बशीर ने उन्हें बागों में छिपा दिया था। इसका वजन छह किलो था।
विज्ञापन

अधिकारियों ने इस संभावना से इंकार नहीं किया कि ऐसे विस्फोटक कश्मीर घाटी में पहुंच गए होंगे क्योंकि खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक कुछ ड्रोन को खेप गिराने में सफलता मिल सकती है। पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई लश्कर, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी गुटों को मदद देती है और लगातार मिल रही असफलताओं के बाद ड्रोन की मदद से हथियार गिराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


तरल पदार्थ घातक हो सकता है साबित
अधिकारियों ने कहा कि इसे एक बड़े खतरे के रूप में देखा जा सकता है क्योंकि ऐसे विस्फोटकों को डी2डी वर्गीकृत किया गया है। क्योंकि रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) या खोजी कुत्तों द्वारा उपयोग किए जाने वाले पारंपरिक डिटेक्टरों के साथ उनका पता नहीं लगाया जा सकता है।

2007 में आतंकियों ने तरल आईईडी से किया हमला
2007 के दौरान दक्षिण कश्मीर में आतंकवादी गुटों ने तरल विस्फोटकों का उपयोग किया था। लेकिन, उसके बाद प्रदेश में आतंकवादी घटनाओं में ऐसा कुछ नहीं देखा गया। खुफिया जानकारी मिली है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी गुट अब तरल विस्फोटकों का इस्तेमाल करेंगे।

फरवरी 2022 में पाकिस्तान ने भेजी थी तरल पदार्थ की खेप
24 फरवरी 2022 को पुलिस ने जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तानी ड्रोन से फेंके हथियार और गोला-बारूद की खेप पकड़ी थी। इस खेप में सफेद तरल की तीन बोतलें भी शामिल थीं। इन बोतलों को एक लीटर की बोतलों में पैक किया गया था।फोरेंसिक जांच से पता चला है कि यह टीएनटी या नाइट्रोग्लिसरीन हो सकता है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर डायनामाइट में किया जाता है, लेकिन इस पर अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है।


2014 से सक्रिय था आतंकी रियाज डार
आतंकी रियाज डार 2014 में प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-ताइबा में शामिल हो गया था और उसने मारे गए पाकिस्तानी आतंकवादियों अबू दुजाना और अबू इस्माइल के साथ मिलकर काम किया था। वह कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। वह ए++ आतंकवादी था। उस पर 10 लाख रुपये से अधिक का नकद इनाम घोषित था। वहीं, रईस डार को ''ए'' के रूप में वर्गीकृत किया गया था और उस पर पांच लाख रुपये का नकद इनाम था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed