{"_id":"5eff93388ebc3e42b240103c","slug":"terrorist-problem-jammu-news-jmu213525220","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजबिहाड़ा में सीआरपीएफ जवान और मासूम को मारने वाला आतंकी ढेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजबिहाड़ा में सीआरपीएफ जवान और मासूम को मारने वाला आतंकी ढेर
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श्रीनगर। श्रीनगर के मलबाग इलाके में मुठभेड़ में मारा गया आतंकी आईएसजेके का जाहिद दास था। यह 26 जून को अनंतनाग के बिजबिहाड़ा में सीआरपीएफ पार्टी पर हमले में शामिल था। इसमें सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया था तथा चार साल का एक मासूम भी मारा गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने यह जानकारी दी।
पत्रकारों से बात करते हुए आईजीपी ने कहा कि वीरवार को श्रीनगर पुलिस को सूचना मिली थी कि श्रीनगर के मलबाग इलाके में 2 आतंकी छिपे हुए हैं। इस सूचना के आधार पर सीआरपीएफ और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आमना-सामना होने पर आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी। इसमें एक जवान घायल हो गया, लेकिन घायल होने के बावजूद भी जवान बहादुरी से आगे बढ़ा और आतंकी को मार गिराया। इसके बाद शहादत का जाम पिया।
आईजीपी ने बताया कि मारा गया आतंकी जाहिद दास आईएसजेके का अनंतनाग जिले का चीफ था। इसके नीचे पांच अन्य साथी भी थे। इनमें से एक यावर भट 30 जून को हुई मुठभेड़ में मार गिराया गया। पांच में से तीन आतंकी मारे जा चुके हैं जबकि दो बाकी हैं। जाहिद पर हाल ही में बिजबिहाड़ा हमले में एफआईआर दर्ज की गई थी। यह बहुत बड़ा अपराधी था और इसका मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बहुत बड़ी कामयाबी है।
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अब निशाने पर 12 टॉप आतंकी, श्रीनगर आतंक फ्री नहीं
आईजीपी ने कहा कि सुरक्षाबलों के निशाने पर अब 12 टॉप आतंकी हैं जिनमें से 5 हिजबुल मुजाहिदीन के, 3 लश्कर-ए-ताइबा और 4 जैश-ए-मोहम्मद के हैं। मई महीने से श्रीनगर में एक के बाद एक तीन मुठभेड़ों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में आईजी ने कहा कि यह तीन घटनाएं सुरक्षाबलों की ओर से एक प्रोएक्टिव एक्शन था। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि अगर किसी जिले में मुठभेड़ नहीं होती तो वहां आतंकियों की मौजूदगी नहीं है। आतंकी हर जगह छिपे होते हैं, अपना ठिकाना बदलते रहते हैं। कुमार ने कहा कि श्रीनगर ऐसा शहर है जहां आतंकी बार-बार आते रहते हैं। कोई मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए, कोई फंडिंग के लिए तो कोई मीटिंग के लिए। इसलिए यह कहना कि श्रीनगर आतंकवाद फ्री है ऐसा सही नहीं होगा। यहां आतंकी आते रहेंगे, हमें इनपुट मिलते रहेंगे और हम एनकाउंटर करते रहेंगे।
इन घटनाओं में शामिल रहा जाहिद
नवंबर 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा के चचेरे भाई सज्जाद मुफ्ती के पीएसओ को मारकर उसकी बंदूक लेकर भाग गया था।
अप्रैल 2020 में गोरिवन में फायरिंग की थी, जिसमें सीआरपीएफ जवान शहीद हो गया था।
26 जून 2020 को बिजबिहाड़ा में सीआरपीएफ पार्टी पर हमला। इसमें एक जवान शहीद हो गया था। एक चार साल का बच्चा मारा गया था।
शहीद जवान कुलदीप कुमार को श्रद्धांजलि, पार्थिव शरीर झारखंड भेजा
श्रीनगर के मलबाग इलाके में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल कुलदीप कुमार ओरांव को आरटीसी कैंप में शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी गई। कुलदीप कुमार झारखंड के साहिबगंज के रहने वाले थे। इस अवसर पर सीआरपीएफ के आईजी श्रीनगर सेक्टर पीके पांडे, आईजी विजय कुमार के अलावा अन्य अधिकारी और जवान मौजूद रहे। जवानों ने शहीद कुलदीप को नम आंखों से विदाई दी। श्रद्धांजलि के बाद पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया।
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पत्रकारों से बात करते हुए आईजीपी ने कहा कि वीरवार को श्रीनगर पुलिस को सूचना मिली थी कि श्रीनगर के मलबाग इलाके में 2 आतंकी छिपे हुए हैं। इस सूचना के आधार पर सीआरपीएफ और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आमना-सामना होने पर आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी। इसमें एक जवान घायल हो गया, लेकिन घायल होने के बावजूद भी जवान बहादुरी से आगे बढ़ा और आतंकी को मार गिराया। इसके बाद शहादत का जाम पिया।
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आईजीपी ने बताया कि मारा गया आतंकी जाहिद दास आईएसजेके का अनंतनाग जिले का चीफ था। इसके नीचे पांच अन्य साथी भी थे। इनमें से एक यावर भट 30 जून को हुई मुठभेड़ में मार गिराया गया। पांच में से तीन आतंकी मारे जा चुके हैं जबकि दो बाकी हैं। जाहिद पर हाल ही में बिजबिहाड़ा हमले में एफआईआर दर्ज की गई थी। यह बहुत बड़ा अपराधी था और इसका मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बहुत बड़ी कामयाबी है।
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अब निशाने पर 12 टॉप आतंकी, श्रीनगर आतंक फ्री नहीं
आईजीपी ने कहा कि सुरक्षाबलों के निशाने पर अब 12 टॉप आतंकी हैं जिनमें से 5 हिजबुल मुजाहिदीन के, 3 लश्कर-ए-ताइबा और 4 जैश-ए-मोहम्मद के हैं। मई महीने से श्रीनगर में एक के बाद एक तीन मुठभेड़ों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में आईजी ने कहा कि यह तीन घटनाएं सुरक्षाबलों की ओर से एक प्रोएक्टिव एक्शन था। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि अगर किसी जिले में मुठभेड़ नहीं होती तो वहां आतंकियों की मौजूदगी नहीं है। आतंकी हर जगह छिपे होते हैं, अपना ठिकाना बदलते रहते हैं। कुमार ने कहा कि श्रीनगर ऐसा शहर है जहां आतंकी बार-बार आते रहते हैं। कोई मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए, कोई फंडिंग के लिए तो कोई मीटिंग के लिए। इसलिए यह कहना कि श्रीनगर आतंकवाद फ्री है ऐसा सही नहीं होगा। यहां आतंकी आते रहेंगे, हमें इनपुट मिलते रहेंगे और हम एनकाउंटर करते रहेंगे।
इन घटनाओं में शामिल रहा जाहिद
नवंबर 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा के चचेरे भाई सज्जाद मुफ्ती के पीएसओ को मारकर उसकी बंदूक लेकर भाग गया था।
अप्रैल 2020 में गोरिवन में फायरिंग की थी, जिसमें सीआरपीएफ जवान शहीद हो गया था।
26 जून 2020 को बिजबिहाड़ा में सीआरपीएफ पार्टी पर हमला। इसमें एक जवान शहीद हो गया था। एक चार साल का बच्चा मारा गया था।
शहीद जवान कुलदीप कुमार को श्रद्धांजलि, पार्थिव शरीर झारखंड भेजा
श्रीनगर के मलबाग इलाके में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल कुलदीप कुमार ओरांव को आरटीसी कैंप में शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी गई। कुलदीप कुमार झारखंड के साहिबगंज के रहने वाले थे। इस अवसर पर सीआरपीएफ के आईजी श्रीनगर सेक्टर पीके पांडे, आईजी विजय कुमार के अलावा अन्य अधिकारी और जवान मौजूद रहे। जवानों ने शहीद कुलदीप को नम आंखों से विदाई दी। श्रद्धांजलि के बाद पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया।