फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Input of two more cars equipped with IED, terrorists plotting to repeat attack like Pulwama

जम्मू-कश्मीरः आईईडी लैस दो और कारों के इनपुट, पुलवामा जैसा हमला दोहराने की साजिश रच रहे आतंकी

Sat, 20 Jun 2020 02:14 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Sat, 20 Jun 2020 02:14 AM IST
विज्ञापन
Input of two more cars equipped with IED, terrorists plotting to repeat attack like Pulwama
खुलासा... - फोटो : अमर उजाला

दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिले में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में आठ आतंकियों को मार गिराए जाने के बाद कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर में पुलवामा की तर्ज पर आत्मघाती फिदायीन हमले की साजिश रची जा रही है। पिछले माह पुलवामा के आयन गुंड इलाके में विस्फोटकों लदी कार मिलने के बाद कश्मीर में ऐसी ही दो और कारों के जरिए हमले की साजिश का पता चला है। सुरक्षा बल इन वाहनों की तलाश में जुटे हुए हैं।

विज्ञापन


श्रीनगर के बादामीबाग केंटोनमेंट स्थित सेना के 15वीं कोर के मुख्यालय में शुक्रवार को संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में आईजीपी ने कार आईईडी वाले आत्मघाती हमलों को एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद के आईईडी एक्सपर्ट को हमने मार गिराया और एक बड़ी आईईडी को भी बरामद कर निष्क्रिय किया गया था।
विज्ञापन


इसके अलावा दो और कार आईईडी का इनपुट है, जिस पर हम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक पाकिस्तानी जैश कमांडर अदनान और दूसरा वलीद भाई यह दोनों हाल ही में एक मुठभेड़ के दौरान भाग निकले थे। उनके पीछे हम लगातार लगे हुए हैं और बहुत जल्दी इन दोनों को हम मार गिराएंगे। आईजीपी ने कहा, इन दोनों का जिंदा रहना जरूर एक खतरा है लेकिन जल्द ही इसे खत्म किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुरक्षा एजेंसियों में तालमेल से हुए सफल ऑपरेशन
इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि दक्षिणी कश्मीर से लगभग आतंकवाद का सफाया हो चुका है। अभी भी इस महीने में 12 दिन बाकी हैं। अब हम दक्षिणी कश्मीर से आतंकवाद का सफाया कर उत्तरी कश्मीर की ओर अपना ध्यान देंगे। वहीं आईजीपी (ऑपरेशन) सीआरपीएफ राजेश कुमार ने कहा कि इस वर्ष कई सफल ऑपरेशन ऑन ग्राउंड हुए हैं और यह सब सुरक्षा एजेंसियों के आपसी तालमेल का नतीजा हैं।

सुरक्षा बलों ने संयम से काम लिया

प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए15वी कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने कहा कि हम हर कामयाब ऑपरेशन के साथ शांति की राह पर बढ़ रहे हैं। अगले कुछ महीनों में हम कश्मीर में पूरी तरह से सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे ताकि कश्मीर में लोग शांति से रह सकें। पिछले करीब 24 घंटे में शोपियां और पुलवामा जिले में मुठभेड़ों के दौरान कुल 8 आतंकियों को मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि एक ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने एक स्थानीय मस्जिद में पनाह ले ली थी लेकिन इस दौरान सुरक्षाबलों ने पूरे संयम से काम लिया और पूरी कोशिश की कि धार्मिक स्थल को कोई नुकसान न पहुंचे।

-जो हथियार उठाएगा, मारा जाएगा
उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक करीब 49 स्थानीय युवा आतंकवाद में शामिल हुए थे जिसमें से 27 को मार गिराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि नौजवानों को मारने से हमें कोई खुशी नहीं मिलती लेकिन अगर कोई हथियार उठाएगा तो हमें वो करना पड़ेगा जो हम कर रहे हैं। वैसे हमारी कोशिश सरेंडर करवाने की होती है। हम स्थानीय लोगों से अपील करते हैं कि वह कश्मीर के युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोकने और जो हथियार उठा चुके हैं उन्हे वापस लाने में हमारी मदद करें। हम उनका उचित पुनर्वास सुनिश्चित करेंगे।

सीजफायर का लद्दाख की घटना से संबंध नहीं
कश्मीर घाटी में उत्तरी कश्मीर से सटी एलओसी पर आए दिन हो रही सीजफायर की घटनाओं को लेकर जीओसी ने कहा कि हाल ही में हो रही इन घटनाओं में कहीं बड़े स्तर पर तो कहीं कम स्तर पर सीजफायर की घटनाएं देखी जा रही हैं, लेकिन इसका लद्दाख की घटना से अभी तक कोई कनेक्शन नहीं दिख रहा है। इसके बावजूद भी सेना के जवान घाटी की एलओसी और आंतरिक इलाकों में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क हैं।

इस वर्ष अब तक 100 से अधिक आतंकी मारे गए
प्रेस कांफ्रेस में मौजूद जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि इस वर्ष 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया है, इसमें हिज्ब के 50, लश्कर के 20 और जैश के 20 थे, बाकी मारे गए आतंकी अंसार गजवातुल हिन्द और अल बदर जैसे अन्य आतंकी संगठनों से संबंधित थे। स्थानीय आतंकियों को मारने में न सुरक्षाबलों को और न उनके परिवार वालों को खुशी मिलती है लेकिन हाथ में बंदूक उठाने वाला हर एक के लिए खतरा है। हमें इसके खिलाफ आगे भी कार्रवाई करते रहेंगे। डीजीपी ने कहा कि उन्हें भी आतंकी संगठनों में स्थानीय भर्ती में गिरावट देख कर काफी खुशी हुई है। ऐसा अभिभावकों, पुलिस, सेना और समाज के अन्य लोगों के आपसी प्रयास की बदौलत है।

डोडा आतंक से मुक्ति के करीब
डीजीपी ने बताया कि जम्मू संभाग में करीब 6 आतंकी मारे जा चुके हैं। डीजीपी ने बताया कि डोडा जिला अब करीबन आतंक मुक्त है वहां केवल एक आतंकी सक्रिय है, जबकि किश्तवाड़ में भी यही हाल है और वहां केवल तीन आतंकी सक्रिय हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed