{"_id":"5edaa6668ebc3e909943b919","slug":"terrorist-problem-jammu-news-jmu2115195177","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरक्षा एजेंसियां हुई सतर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुरक्षा एजेंसियां हुई सतर्क
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुंदरबनी। वर्षों बाद कालाकोट में आतंकियों की मौजूदगी से सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। किसी समय जिला राजोरी में आतंकवाद चरम पर था। उस समय कालाकोट का पहाड़ी क्षेत्र आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। सीमा पार करने के बाद आतंकी सुंदरबनी के रास्ते से होते हुए कालाकोट के घने जंगलों में पहुंचकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं। वर्षों तक कालाकोट के जंगलों में सेना तथा पुलिस के संयुक्त अभियान की बदौलत ये क्षेत्र पूरी तरह आतंक से मुक्त था लेकिन वीरवार रात हुई मुठभेड़ से साफ हो गया कि आतंकी पुराने रूट के सहारे आतंक को जिंदा करने की फिराक में हैं।
सूत्रों के अनुसार जैसे ही बरसात का मौसम शुरू होगा, क्षेत्र में मक्की की फसलें ऊंची होने के चलते सीमापार से आतंकियों की घुसपैठ बढ़ सकती है। आतंकी इन फसलों की आड़ में आसानी से घुसपैठ करके सुंदरबनी-नौश्ेारा होते हुए आसानी से कालाकोट के जंगलों में पहुंचकर आतंकी गतिविधियों को बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार जैसे ही बरसात का मौसम शुरू होगा, क्षेत्र में मक्की की फसलें ऊंची होने के चलते सीमापार से आतंकियों की घुसपैठ बढ़ सकती है। आतंकी इन फसलों की आड़ में आसानी से घुसपैठ करके सुंदरबनी-नौश्ेारा होते हुए आसानी से कालाकोट के जंगलों में पहुंचकर आतंकी गतिविधियों को बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन