कंपकंपाती ठंड में भी तप रहा दक्षिणी कश्मीर
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घाटी में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। घाटी कंपकंपाती ठंड की चपेट में है। पर घाटी का दक्षिणी क्षेत्र इस कड़ाके की ठंड में भी तप रहा है। बीते एक महीने में दक्षिणी कश्मीर में एक के बाद एक कई बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया।
हालांकि, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कश्मीर भर में किए गए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त के चलते हर बार आतंकियों को मुंह की खानी पड़ी है, पर सिलसिलेवार वारदात ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद भी उड़ाकर रख दी है।
खासतौर पर स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठन में शामिल होने के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद घाटी में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
बीते करीब एक महीने की बात करें तो दक्षिणी कश्मीर में ही करीब आधा दर्जन आतंकी घटनाएं हुईं हैं। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के कुछ गांवों में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन द्वारा धमकी भरे पोस्टर चिपकाने की घटना के बाद से सियासी लोगों पर हमले भी हुए हैं।
दक्षिण कश्मीर बनता जा रहा है आतंकियों का अड्डा
रियासत पुलिस के एक आला अधिकारी के अनुसार कश्मीर में आई भीषण बाढ़ के दौरान आतंकियों की मूवमेंट पर सुरक्षा एजेंसियां पूर्ण रूप से रोक नहीं लगा पाईं थीं। इस कारण आतंकी सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचने और असलाह ले जाने में भी कुछ हद तक सफल रहे थे।
इंटेलिजेंस की सूचनाओं के मुताबिक ज्यादातर आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर में ठिकाने बनाए थे। इसके चलते अधिकतर वारदात इसी क्षेत्र में हो रहीं हैं। अधिकारी का कहना था कि ठंड ने पूरी घाटी को चपेट में ले लिया है। बर्फबारी के बाद आतंकियों के लिए भी जंगलों में बनाए गए ठिकानों में रहना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वे ग्रामीण इलाकों की ओर रुख करते हैं।
इसके चलते भी आतंकी घटनाओं में वृद्धि होती है। इसके अलावा आतंकियों पर चुनाव में खलल डालने को वारदात करने का भी दबाव है। चूंकि पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त के चलते मूवमेंट आसान नहीं, इसलिए दक्षिण कश्मीर में ही अधिकतर वारदात हो रही हैं।
चुनावों की घोषणा से अबतक हुए आतंकी हमलों का ब्योरा
14 अक्टूबर- पुलवामा में सेना के गश्ती दल पर हमला
23 अक्टूबर - रफीक अहमद मीर (38 वर्ष), कुलगाम में पुलिस कर्मी की हत्या
चार नवंबर- पुलवामा में पुलिस वाहन पर हमला
आठ नवंबर-काजीगुंड में हाईवे पर सीआरपीएफ वाहन पर हमला
14 नवंबर - कुलगाम ज़िले में मुठभेड़ में 2 आतंकियों को ढेर किया गया।
16 नवंबर - पीडीपी सरपंच मोहम्मद शाबान के भाई ग़ुलाम मोहम्मद डार की आतंकियों द्वारा पांपोर में हत्या।
20 नवंबर - त्राल में पुलिस पार्टी पर आतंकी हमला, मुठभेड़ के दौरान 3 आतंकी ढेर।
21 नवंबर - नूराबाद विधान सभा क्षेत्र के पीडीपी प्रत्याशी की जनसभा के दौरान गड़वानी में दागा गया ग्रेनेड