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अब राजोरी में आतंकवाद को दोबारा जिंदा करने की साजिश
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जम्मू। आतंकी संगठन जम्मू संभाग में पुराने आतंकवाद ग्रस्त क्षेत्रों में दोबारा आतंकवाद को जिंदा करने के प्रयास में हैं। किश्तवाड़, डोडा, रामबन के बाद अब राजोरी एवं पुंछ जिले में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है, ताकि जम्मू संभाग में इस तरह की वारदातें कर माहौल खराब किया जाए। पिछले एक महीने में राजोरी जिले में सेना का तीन बार आतंकियों से सामना हो चुका है, जबकि एक बार आतंकियों ने भाजपा कार्यकर्ता के घर पर ग्रेनेड से हमला भी किया है।
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई एक-एक करके जम्मू संभाग के उन जिलों में दोबारा आतंक फैलाना चाहती है, जहां 1990 के दशक में आतंकवाद चरम पर होता था। किश्तवाड़, डोडा, रामबन, किश्तवाड़, रियासी, राजोरी और पुंछ जिले में 1990 के दशक में आतंकवाद चरम पर था। इन इलाकों में अब शांति है, लेकिन पहले किश्तवाड़ और रामबन में आतंकी वारदातें शुरू की गईं। 2018 से 2019 तक किश्तवाड़ में भाजपा और आरएसएस नेताओं की हत्या करके माहौल खराब किया गया। आतंकियों ने पुलिस कर्मियों की भी हत्या की। अब राजोरी में भी ऐसा किया जा रहा है। राजोरी के थन्नामंडी में दो बार आतंकियों से सेना की मुठभेड़ हो चुकी है। रविवार को भी सेना की आतंकियों से मुठभेड़ हुई। सूत्रों का कहना है कि राजोरी जिले की एलओसी से आईएसआई अधिक से अधिक आतंकियों की घुसपैठ करवाकर हमले करवाना चाहती है, ताकि जिले में एक समुदाय विशेेष को निशाना बनाकर माहौल खराब किया जाए। साथ ही राजोरी के पुराने रूट से आतंकियों को कश्मीर तक पहुंचाया जाए। यहीं कारण है कि अधिक से अधिक आतंकियों की घुसपैठ करवाई जा रही है।
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सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई एक-एक करके जम्मू संभाग के उन जिलों में दोबारा आतंक फैलाना चाहती है, जहां 1990 के दशक में आतंकवाद चरम पर होता था। किश्तवाड़, डोडा, रामबन, किश्तवाड़, रियासी, राजोरी और पुंछ जिले में 1990 के दशक में आतंकवाद चरम पर था। इन इलाकों में अब शांति है, लेकिन पहले किश्तवाड़ और रामबन में आतंकी वारदातें शुरू की गईं। 2018 से 2019 तक किश्तवाड़ में भाजपा और आरएसएस नेताओं की हत्या करके माहौल खराब किया गया। आतंकियों ने पुलिस कर्मियों की भी हत्या की। अब राजोरी में भी ऐसा किया जा रहा है। राजोरी के थन्नामंडी में दो बार आतंकियों से सेना की मुठभेड़ हो चुकी है। रविवार को भी सेना की आतंकियों से मुठभेड़ हुई। सूत्रों का कहना है कि राजोरी जिले की एलओसी से आईएसआई अधिक से अधिक आतंकियों की घुसपैठ करवाकर हमले करवाना चाहती है, ताकि जिले में एक समुदाय विशेेष को निशाना बनाकर माहौल खराब किया जाए। साथ ही राजोरी के पुराने रूट से आतंकियों को कश्मीर तक पहुंचाया जाए। यहीं कारण है कि अधिक से अधिक आतंकियों की घुसपैठ करवाई जा रही है।
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