फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   terror funding network Jammu and Kashmir Charges framed in court against seven involved

जम्मू-कश्मीर: टेरर फंडिंग नेटवर्क में शामिल सात पर कोर्ट में आरोप तय, पढ़ें कैसे हुआ था खुलासा और रशीद कोका का रोल

Sun, 06 Mar 2022 10:06 AM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 06 Mar 2022 10:06 AM IST
सार

जांच के दौरान सामने आया कि यह आरोपी एक ऐसी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे, जो एक तरफ अज्ञात स्रोत से पैसा एकत्रित कर आतंकियों तक पहुंचा रहे थे। 

विज्ञापन
terror funding network Jammu and Kashmir Charges framed in court against seven involved
terrorism - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के विशेष जज सुनित गुप्ता ने टेरर फंडिंग मामले में जम्मू से पकड़े गए दो आरोपियों समेत सात लोगों पर आरोप तय किए हैं। मौखिक और डिजिटल सुबूतों के बिनाह पर प्रथम दृष्टया इन आरोपियों की संलिप्तता पाए गई, जिस पर कोर्ट ने किफायत रशीद कोका, आजाद अहमद कोका, इश्फाक मजीद कोका, अल्ताफ अहमद डार, आबिद हुसैन बख्शी, मुबारक अहमद ठोकर और जुबैर फारूक कोका पर विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए।

विज्ञापन


अभियोजन के अनुसार जेआईसी जम्मू पुलिस थाने को सूचना मिली कि किफायत रशीद कोका और एजाज अहमद कोका निवासी शोपियां अपने अन्य साथियों के साथ टेरर फंडिंग नेटवर्क के लिए काम कर रहे हैं। पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद मामला दर्ज कर छानबीन तेज की गई। तफतीश में पुलिस ने नवाबाद सुंजवां और भठिंडी स्थित जम्मू-कश्मीर बैंक शाखाओं के खाते खंगालने पर लाखों रुपये इन खातों में जमा पाए गए। मोबाइल फोन नंबर और लेनदेन के रिकॉर्ड के तार से टेरर नेटवर्क की कड़ियां जुड़ती गईं। पुलिस ने फौरन किफायत रशीद कोका और आजाद अहमद कोका को हिरासत में लेकर पूछताछ तेज कर दी। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने टेरर फंडिंग नेटवर्क के राज उगल दिए।
विज्ञापन

 

रेडीमेड गारमेंट कारोबार फेल होने पर टेरर नेटवर्क अपनाया

किफायत रशीद कोका ने बताया कि पहले वह पुलिस में एसपीओ था। उसने पुलिस की नौकरी छोड़कर रेडीमेड गारमेंट दुकान खोली। इस दुकान में इश्फाक मजीद कोका और इरफान अहमद उसके पार्टनर थे। कुछ देर बाद दुकान का कारोबार ठप पड़ गया। इश्फाक मजीद कोका का सगा भाई बुरहान कोका अंसार गजवात हिंद का आतंकी था। बुरहान कोका को देख उन्होंने भी उसके साथ मिलने का फैसला कर लिया। अप्रैल 2020 में बुरहान कोका के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद वे इस टेरर नेटवर्क में सक्रियता से शामिल हो गए। इसी तरह से अन्य आरोपियों ने भी इस नेटवर्क की गतिविधियों को आगे बढ़ाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed