मोदी की रैली पर आतंकी खतरा, अलर्ट जारी
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दो दिसंबर को दूसरे चरण के मतदान, उसके बाद आठ और 12 दिसंबर को प्रधानमंत्री की रैलियों ने सुरक्षा बलों की नींद उड़ा रखी है। पहले चरण के रिकार्डतोड़ मतदान से बुरी तरह बौखलाया पाकिस्तान और उसके द्वारा संरक्षित-संचालित आतंकी तंजीमें लगातार बड़े हमले की फिराक में हैं।
हाई अलर्ट के तमाम इंतजामों को भेदते हुए लश्कर के फिदायीनों ने जिस तरह कठार में सेना के बंकर पर कब्जा किया और आठ हिंदुस्तानियों की जान ले ली उसे देखते हुए आने वाले दिन और भी मुश्किल होंगे। सूत्रों की माने तो मोदी की रैलियों में आतंकी गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
सरहद और नियंत्रण रेखा के उस पार बड़ी संख्या में प्रशिक्षित आतंकी लांचिंग पैड पर घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। उनकी मदद के लिए पाकिस्तानी सेना बार-बार सीज फायर का उल्लंघन कर रही है। हाफिज सईद के बारे में भी खबरें हैं कि वह लगातार एलओसी पर हरकत में है। बैट को भी फिर से सक्रिय किया गया है।
हाफिज सईद भी रच रहा है साजिश
इसी बीच एक साइट पर हाफिज सईद की कश्मीर के एक अलगाववादी नेता से कथित बातचीत भी वायरल हुई है जिसमें युवाओं को बरगलाने के लिए क्या-क्या करना है इस पर चर्चा हो रही है। उसमें किसी भी तरह 300 आतंकियों की घुसपैठ कराने की भी बात कही गई है। हालांकि इस बातचीत की किसी ने भी पुष्टि नहीं की है।
प्रधानमंत्री मोदी 8 दिसंबर को श्रीनगर में चुनावी जनसभा करेंगे। मोदी की कश्मीर में यह पहली जनसभा होगा। बाढ़ के बाद मोदी तीन बार घाटी का दौरा कर चुके हैं। यहां तक कि मोदी ने दिवाली भी बाढ़ पीड़ितों के साथ मनाई थी। इसके बाद से आतंकी संगठन और अलगाववादियों की चिंताएं बढ़ गईं हैं।
हाफिज सईद की यासीन मलिक से हुई कथित बातचीत में भी इस बात पर जोर दिया गया है कि किसी भी सूरत में रियासत में भाजपा की सत्ता नहीं बानी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों को भी पुख्ता इनपुट मिले हैं कि पहले चरण में भारी मतदान से बौखलाए आतंकी संगठन बड़े हमले की फिराक में हैं।
पुलिस महानिदेशक भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं। ऐसे में इस बात की आशंका है कि मोदी की श्रीनगर और कठुआ में रैलियों से पहले आतंकी किसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।