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अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले का साया, लश्कर-जैश आतंकियों की घुसपैठ बढ़ी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 26 Jun 2018 08:23 AM IST
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अमरनाथ यात्रा
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अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले का साया मंडरा रहा है। इनपुट है कि इसके लिए आतंकी तंजीमों ने अपने प्रशिक्षित आतंकियों को यात्रा मार्ग यानी जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के आस-पास के सुरक्षित इलाकों में ठिकाना बनाने को कहा है।
आकाओं ने हाईवे से 20-25 किलोमीटर की दूरी पर आतंकियों को कैंप करने और मौका मिलते ही हमले को अंजाम देने को कहा गया है। सुरक्षा बलों को ऐसे इनपुट मिले हैं। यही वजह है कि पिछले एक सप्ताह में आईएस, लश्कर और जैश आतंकियों के हाईवे से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर मुठभेड़ में मारे जाने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट हैं कि जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर खासकर काजीगुंड के बाद यात्रियों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके लिए पहलगाम जाने वाले यात्रियों के लिए कुलगाम व अनंतनाग जिले खासकर से संवेदनशील हैं। बालटाल रूट वाले यात्रियों पर पुलवामा जिले के पांपोर वाले इलाके में हमला हो सकता है।
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श्रीनगर में पत्थरबाजी का खतरा है। इनपुट यह भी है कि जम्मू से काजीगुंड के बीच पहाड़ी इलाकों में भी आतंकी हमले को अंजाम दे सकते हैं। आधार शिविर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करने के साथ ही यात्रा मार्ग की सुरक्षा भी चाक चौबंद कर दी गई हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर जगह-जगह केंद्रीय बलों की तैनाती कर दी गई है।
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आकाओं ने हाईवे से 20-25 किलोमीटर की दूरी पर आतंकियों को कैंप करने और मौका मिलते ही हमले को अंजाम देने को कहा गया है। सुरक्षा बलों को ऐसे इनपुट मिले हैं। यही वजह है कि पिछले एक सप्ताह में आईएस, लश्कर और जैश आतंकियों के हाईवे से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर मुठभेड़ में मारे जाने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
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सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट हैं कि जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर खासकर काजीगुंड के बाद यात्रियों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके लिए पहलगाम जाने वाले यात्रियों के लिए कुलगाम व अनंतनाग जिले खासकर से संवेदनशील हैं। बालटाल रूट वाले यात्रियों पर पुलवामा जिले के पांपोर वाले इलाके में हमला हो सकता है।
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श्रीनगर में पत्थरबाजी का खतरा है। इनपुट यह भी है कि जम्मू से काजीगुंड के बीच पहाड़ी इलाकों में भी आतंकी हमले को अंजाम दे सकते हैं। आधार शिविर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करने के साथ ही यात्रा मार्ग की सुरक्षा भी चाक चौबंद कर दी गई हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर जगह-जगह केंद्रीय बलों की तैनाती कर दी गई है।
terrorist
सुरक्षा एजेंसियों के पास इस बात के भी इनपुट हैं कि आतंकियों के साथ ही ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को भी सक्रिय किया गया है। इन्हें व्यापक पैमाने पर हैंड ग्रेनेड की सप्लाई की गई है। इन्हें अमरनाथ यात्रियों के वाहनों व सुरक्षा बलों को निशाना बनाने को कहा गया है। चूंकि दक्षिणी कश्मीर जहां से यात्रा मार्ग गुजरता है वहां हिजबुल का प्रभाव रहा है, लेकिन हाल के दिनों में जैश व लश्कर ने भी यहां अपनी पैठ बढ़ाई है। इसलिए खतरा और अधिक बढ़ गया है।
पिछले साल भी हुआ था हमला
अमरनाथ यात्रियों की बस पर गत वर्ष अनंतनाग जिले के इलाके में आतंकियों ने हमला किया था। इनमें आठ यात्रियों की मौत हो गई थी जबकि 19 घायल हुए थे। बस में गुजरात तथा महाराष्ट्र के यात्री सवार थे। आतंकियों ने खन्नाबल इलाके में बस को घेरकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं थीं। हमले की अलगाववादियों से लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों ने निंदा की थी।
27 को जम्मू से जाएगा पहला जत्था
अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु 28 जून को बाबा बर्फानी के दर्शन करेंगे। इसके लिए जम्मू में भगवती नगर आधार शिविर से श्रद्धालुओं का पहला जत्था 27 जून को कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना होगा। बाबा भोले के भक्त तथा साधु संतों का जम्मू पहुंचना शुरू हो गया है।
पिछले साल भी हुआ था हमला
अमरनाथ यात्रियों की बस पर गत वर्ष अनंतनाग जिले के इलाके में आतंकियों ने हमला किया था। इनमें आठ यात्रियों की मौत हो गई थी जबकि 19 घायल हुए थे। बस में गुजरात तथा महाराष्ट्र के यात्री सवार थे। आतंकियों ने खन्नाबल इलाके में बस को घेरकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं थीं। हमले की अलगाववादियों से लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों ने निंदा की थी।
27 को जम्मू से जाएगा पहला जत्था
अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु 28 जून को बाबा बर्फानी के दर्शन करेंगे। इसके लिए जम्मू में भगवती नगर आधार शिविर से श्रद्धालुओं का पहला जत्था 27 जून को कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना होगा। बाबा भोले के भक्त तथा साधु संतों का जम्मू पहुंचना शुरू हो गया है।
सारी स्थितियों पर नजर रखी जा रही है। क्या इनपुट हैं इसे शेयर तो नहीं किया जा सकता है, लेकिन इतना तय है कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के मुकम्मल प्रबंध हैं। सभी सुरक्षा बल आपसी समन्वय के साथ यात्रा को सकुशल संपन्न करेंगे। यात्रियों को डरने की जरूरत नहीं है। बल्कि वे निर्भिक होकर आएं।- डा. एसपी वैद, डीजीपी
पिछले एक सप्ताह में दक्षिणी कश्मीर में आपरेशन
19 जून को पुलवामा जिले के त्राल में जैश के तीन आतंकी मारे गए। दो गए स्थानीय आतंकियों की शिनाख्त त्राल के मेदूरा निवासी आदिल व पिंगलिश निवासी दानिश के रूप में हुई, जबकि तीसरा पाकिस्तानी था।
22 जून को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के श्रीगुफवारा इलाके में आईएस जेके के सरगना दाउद सोफी समेत चार आतंकी ढेर किए गए।
24 जून को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में लश्कर के डिवीजनल कमांडर शकूर अहमद डार और पाकिस्तानी आतंकी हैदर को मार गिराया।
24 जून को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में नई हाईवे पर तुलखान क्रासिंग के पास हिजबुल के दो ओजीडब्ल्यू ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार।
पिछले एक सप्ताह में दक्षिणी कश्मीर में आपरेशन
19 जून को पुलवामा जिले के त्राल में जैश के तीन आतंकी मारे गए। दो गए स्थानीय आतंकियों की शिनाख्त त्राल के मेदूरा निवासी आदिल व पिंगलिश निवासी दानिश के रूप में हुई, जबकि तीसरा पाकिस्तानी था।
22 जून को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के श्रीगुफवारा इलाके में आईएस जेके के सरगना दाउद सोफी समेत चार आतंकी ढेर किए गए।
24 जून को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में लश्कर के डिवीजनल कमांडर शकूर अहमद डार और पाकिस्तानी आतंकी हैदर को मार गिराया।
24 जून को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में नई हाईवे पर तुलखान क्रासिंग के पास हिजबुल के दो ओजीडब्ल्यू ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार।