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अपनों के बीच दूरियां बढ़ा रहा मोबाइल सिग्नल
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ज्यौड़ियां। जहां केंद्र सरकार देश को डिजिटल इंडिया बनाने के लिए जनता से बडे़-बडे़ दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र के पहाड़ी गांवों के ग्रामीण मोबाइल सिग्नल को तरस रहे हैं। इस तरह से जहां लोग मोबाइल के जरिये अपनों से करीब बने रहना चाहते हैं, वहीं बदहाल सिग्नल अपनों के बीच दूरियां बढ़ा रहे हैं।
खौड़ तहसील खड़ाह बली के गांव सेड़, ठडींचोई, शोआरा, खड़ाह, बली तथा नाथल आदि गांवों में मोबाइल का सिग्नल नहीं मिलने से दिक्कतें आ रही हैं। लोगों के मोबाइल सेट तथा सिम कार्ड शोपीस बन कर रह गये हैं। इस विषय में गांव ठडी़ंचोई, निवासी बिटु शर्मा, शुभम शर्मा, मनोज शर्मा, अनिश शर्मा, अनिल कुमार, अंकुश तथा गांव सेड निवासी संजय कुमार, रवि कुमार तथा केवल कुमार, गांव खड़ाह निवासी बृज कुमार, सूरम चंद, बिटु कुमार शर्मा आदि ने बताया कि उनके गांवों में मोबाइल की किसी भी कंपनी का सिग्नल सही तरीके से नहीं मिल रहा, जिसके चलते हम लोग ऑनलाइन कोई भी काम नहीं कर पा रहे हैं। हमें मोबाइल सिग्नल के लिए क्षेत्र से बाहर निकल कर खौड़ या ज्यौड़ियां का रुख करना पड़ता है। इसको लेकर हम लोग काफी परेशान है॥ हमारे मोबाइल शोपीस बन कर रह गए हैं। क्षेत्र में मोबाइल टावर भी लगे हैं, लेकिन सिग्नल नहीं मिल पाता है। उपभोक्ताओं ने बताया कि मोबाइल बड़ी जरूरत बन गया है। मोबाइल के बिना हमारी जिंदगी अधूरी हो गई है।
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खौड़ तहसील खड़ाह बली के गांव सेड़, ठडींचोई, शोआरा, खड़ाह, बली तथा नाथल आदि गांवों में मोबाइल का सिग्नल नहीं मिलने से दिक्कतें आ रही हैं। लोगों के मोबाइल सेट तथा सिम कार्ड शोपीस बन कर रह गये हैं। इस विषय में गांव ठडी़ंचोई, निवासी बिटु शर्मा, शुभम शर्मा, मनोज शर्मा, अनिश शर्मा, अनिल कुमार, अंकुश तथा गांव सेड निवासी संजय कुमार, रवि कुमार तथा केवल कुमार, गांव खड़ाह निवासी बृज कुमार, सूरम चंद, बिटु कुमार शर्मा आदि ने बताया कि उनके गांवों में मोबाइल की किसी भी कंपनी का सिग्नल सही तरीके से नहीं मिल रहा, जिसके चलते हम लोग ऑनलाइन कोई भी काम नहीं कर पा रहे हैं। हमें मोबाइल सिग्नल के लिए क्षेत्र से बाहर निकल कर खौड़ या ज्यौड़ियां का रुख करना पड़ता है। इसको लेकर हम लोग काफी परेशान है॥ हमारे मोबाइल शोपीस बन कर रह गए हैं। क्षेत्र में मोबाइल टावर भी लगे हैं, लेकिन सिग्नल नहीं मिल पाता है। उपभोक्ताओं ने बताया कि मोबाइल बड़ी जरूरत बन गया है। मोबाइल के बिना हमारी जिंदगी अधूरी हो गई है।
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