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एक महीने से भूख हड़ताल पर हैं अस्थायी शिक्षक

Fri, 10 Apr 2015 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Fri, 10 Apr 2015 10:39 PM IST
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teachers on hunger strike since 29 days

कार्यकाल बढ़ाने की मांग के समर्थन में अस्थायी शिक्षकों की भूख हड़ताल शुक्रवार को 29वें दिन तक पहुंच गई। इसके बावजूद सरकार ने कोई प्रयास नहीं किए हैं। हड़ताल का समर्थन में पैंथर्स पार्टी के राज्य प्रधान पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया मौके पर पहुंचे। मनकोटिया ने शिक्षकों के साथ मिलकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व विधायक यशपाल कुंडल भी मौजूद रहे।

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दोपहर करीब 12 बजे मनकोटिया प्रेस क्लब में अस्थायी शिक्षकों के पास पहुंचे। मनकोटिया ने कहा कि 29 दिन से अस्थायी शिक्षक भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन राज्य सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादियों को हर महीने दो हजार रुपये सरकार की तरफ से दिए जाते हैं। फिर क्यों काम करने वाले अस्थायी शिक्षकों को सरकार कार्यकाल बढ़ाकर तीन हजार रुपये महीने देने में परेशान हो रही है।
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अगर तीन दिन में सरकार ने मांग को पूरा नहीं किया तो पार्टी के कार्यकर्ता व नेता भी भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हो जाएंगे। अस्थायी शिक्षकों की एसोसिएशन के प्रधान बलविंद्र सिंह पवार ने बताया कि उनकी मांग को लेकर राज्य सरकार का बर्ताव बहुत ही निंदनीय है। सभी मुख्यमंत्री से मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
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अस्थायी शिक्षकों के साथ आई पैंथर्स
कार्यकाल बढ़ाने की मांग के समर्थन में अस्थायी शिक्षकों की भूख हड़ताल शुक्रवार को 29वें दिन तक पहुंच गई। इसके बावजूद सरकार ने कोई प्रयास नहीं किए हैं। हड़ताल का समर्थन में पैंथर्स पार्टी के राज्य प्रधान पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया मौके पर पहुंचे। मनकोटिया ने शिक्षकों के साथ मिलकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व विधायक यशपाल कुंडल भी मौजूद रहे।

दोपहर करीब 12 बजे मनकोटिया प्रेस क्लब में अस्थायी शिक्षकों के पास पहुंचे। मनकोटिया ने कहा कि 29 दिन से अस्थायी शिक्षक भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन राज्य सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादियों को हर महीने दो हजार रुपये सरकार की तरफ से दिए जाते हैं। फिर क्यों काम करने वाले अस्थायी शिक्षकों को सरकार कार्यकाल बढ़ाकर तीन हजार रुपये महीने देने में परेशान हो रही है।


अगर तीन दिन में सरकार ने मांग को पूरा नहीं किया तो पार्टी के कार्यकर्ता व नेता भी भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हो जाएंगे। अस्थायी शिक्षकों की एसोसिएशन के प्रधान बलविंद्र सिंह पवार ने बताया कि उनकी मांग को लेकर राज्य सरकार का बर्ताव बहुत ही निंदनीय है। सभी मुख्यमंत्री से मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

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