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Jammu News: टीबी के एक हजार मरीज मिल, ज्यादातर शराब व तंबाकू के सेवन वाले
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उधमपुर। वर्ष 2024 में जिले में टीबी के एक हजार मरीज मिले हैं। इनमें ज्यादातर शराब व तंबाकू के सेवन वाले है। 13 लोग ऐसे हैं जिन्हें शूगर है। वर्ष 2023 में 17 हजार जबकि 2024 में 24 हजार टेस्ट में एक हजार मरीज मिले। टेस्टों की तुलना में स्वास्थ्य विभाग टीबी का ग्राफ सुधरने का दावा कर रहा है।
जानकारी के अनुसार टीबी मुक्त जिला अभियान में स्वास्थ्य विभाग शिविर लगाकर लोगों को जागरूक कर रहा है। विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में भी टीबी जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई है। जिले के आठ स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी टेस्ट के लिए मशीनें लगाई हैं। टीबी के मरीजों की पहचान के लिए पीएचसी बसंतगढ़, सीएचसी चिनैनी, एसडीएस रामनगर, पीएचसी मजालता, जीएमसी उधमपुर, जिला टीबी अस्पताल, पीएचसी टिकरी, पीएचसी घोरड़ी में टीबी जांच की सुविधा दी गई है।
चार और केंद्रों पर लगेंगी टीबी ट्रयो नेट टेस्टिंग मशीनें
विभाग की ओर से चार अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी जांच के लिए ट्रयोनेट टीबी टेस्टिंग मशीनें लगाने की योजना है। मौजूदा समय में पंचैरी, मौंगरी, हरितयान व ब्लॉक घोरड़ी में टीबी जांच की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग जांच के बाद ऐसे मरीजों का इलाज निशुल्क करता है। डाइट के लिए भी प्रतिमाह मरीज को एक हजार रुपये दिए जाते हैं।
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कोट
जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ज्यादातर मामले शराब व तंबाकू के सेवन वाले हैं। 2023 की तुलना में 2024 में ग्राफ सुधरा है। टीबी टेस्टिंग की संख्या को बढ़ाया गया है। टीबी अलग-अलग प्रकार की होती है। किसी रोगी का छह महीने का कोर्स होता है तो किसी का डेढ़ साल। मरीज कोर्स पूरा कर स्वस्थ हो जाता है।
डॉ. अनिल सलोच, इंचार्ज, जिला टीबी अस्पताल
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जानकारी के अनुसार टीबी मुक्त जिला अभियान में स्वास्थ्य विभाग शिविर लगाकर लोगों को जागरूक कर रहा है। विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में भी टीबी जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई है। जिले के आठ स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी टेस्ट के लिए मशीनें लगाई हैं। टीबी के मरीजों की पहचान के लिए पीएचसी बसंतगढ़, सीएचसी चिनैनी, एसडीएस रामनगर, पीएचसी मजालता, जीएमसी उधमपुर, जिला टीबी अस्पताल, पीएचसी टिकरी, पीएचसी घोरड़ी में टीबी जांच की सुविधा दी गई है।
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चार और केंद्रों पर लगेंगी टीबी ट्रयो नेट टेस्टिंग मशीनें
विभाग की ओर से चार अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी जांच के लिए ट्रयोनेट टीबी टेस्टिंग मशीनें लगाने की योजना है। मौजूदा समय में पंचैरी, मौंगरी, हरितयान व ब्लॉक घोरड़ी में टीबी जांच की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग जांच के बाद ऐसे मरीजों का इलाज निशुल्क करता है। डाइट के लिए भी प्रतिमाह मरीज को एक हजार रुपये दिए जाते हैं।
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कोट
जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ज्यादातर मामले शराब व तंबाकू के सेवन वाले हैं। 2023 की तुलना में 2024 में ग्राफ सुधरा है। टीबी टेस्टिंग की संख्या को बढ़ाया गया है। टीबी अलग-अलग प्रकार की होती है। किसी रोगी का छह महीने का कोर्स होता है तो किसी का डेढ़ साल। मरीज कोर्स पूरा कर स्वस्थ हो जाता है।
डॉ. अनिल सलोच, इंचार्ज, जिला टीबी अस्पताल