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जम्मू-कश्मीर: डुग्गर प्रदेश में तमदेह पर्व आज, जानिए इसका महत्व
Tue, 15 Jun 2021 02:21 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jun 2021 02:21 AM IST
सार
तमदेह पर्व पर शहरवासियों ने बाजारों में खरीदारी की। लोग फल, बर्तन सहित अन्य जरूरी सामग्री खरीदने बाजार पहुंचे।
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तमदेह पर्व
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
डुग्गर प्रदेश का पारंपरिक तमदेह पर्व आज मनाया जा रहा है। पूर्वजों की याद में पर्व आषाढ़ संक्रांति के दिन पारंपरिक रीति रिवाजों व श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। इस दिन लोग श्रद्धा भाव के साथ अपने पूर्वजों को फल, फूल, जल से भरे हुए बर्तन व घड़े अर्पित कर पितृ तर्पण करते हैं और पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा भी की जाती है।
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डुग्गर प्रदेश में तमदेह पर्व का काफी महत्व है। आज के दिन लोग अपने पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए लोग पवित्र नदियों, सरोवर में स्नान करने के साथ दान-पुण्य भी करते है। संजय शास्त्री ने कहा कि ये दिन ऋतु परिवर्तन के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने इस दिन अपने पितरों को प्रसन्न करने के पानी के साथ ऋतू फल विशेष कर तरबूज, आम, खरबूज आदि को कुलदेवता को भी अर्पित किया जाता है।
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उन्होंने कहा कि जिन लोगो को पितर दोष है, उनके लिए ये पर्व बड़ा होता है जहां व पितर दोष से मुक्त हो सकते है। तमदेह पर विवाहिता बेटियों, कुल पुरोहित एवं ब्राह्माणों को भोजन करवाया जाता है। लोग इस दिन मीठे पानी की छबीलें भी लगाते है। तमदेह के दिन किया गया दान अन्य शुभ दिनों की तुलना में दस गुना अधिक पुण्य देने वाला होता है।
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