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Jammu kashmir News : जंगल से लकड़ी काटता था तालिब, फिर बना लश्कर कमांडर, साजिश के तहत शामिल हुआ था भाजपा में
Thu, 07 Jul 2022 02:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 07 Jul 2022 02:42 AM IST
सार
पाकिस्तान भागने की फिराक में था आतंकी तालिब हुसैन, ड्रोन से आने वाले हथियार हासिल करता था। हथियारों के साथ हर बार 1 लाख रुपये भी आते थे।
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रियासी में पकड़ा गया आतंकी तालिब हुसैन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
लश्कर आतंकी कमांडर तालिब हुसैन एक समय जंगल से लकड़ी काटता था, लेकिन धीरे धीरे वह आतंक का कमांडर बन गया। पूछताछ में तालिब ने कई खुलासे किए हैं। इससे पता चला है कि वह पाकिस्तान भागने की फिराक में था। यहां उसे एक बड़ी जिम्मेदारी दी जानी थी। बताया जा रहा है कि जिस दिन आतंकी तालिब को पकड़ा। उसके ठीक 4 दिन पहले ही उसकी पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया था।
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जानकारी के अनुसार आतंकी तालिब हुसैन राजोरी और पुंछ जिलों की एलओसी से ड्रोन से आने वाले हथियार और गोला बारूद की खेप प्राप्त करता था। इन हथियारों को वह कश्मीर के कुलगाम, पुलवामा और शोपियां में सक्रिय लश्कर आतंकियों तक पहुंचाता था। कश्मीर में कई टारगेट किलिंग में शामिल हाइब्रिड आतंकियों को वह पिस्टल पहुंचा चुका था, जिसे उसने सीमा पार से आई खेप में बरामद किया था। यह भी बताया जा रहा है कि हथियारों की खेप जब आती थी तो उसके साथ एक लाख रुपये का पैकेट भी होता था। इन पैसों को तालिब अपनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करता था।
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तालिब अपने साथ काम करने वाले ओजी वर्करों की मदद से ड्रोन के जरिए भेजे जाने वाले हथियारों को लेने जाता था। अब तक वह सीमा पार से आने वाली 7 खेप बरामद कर चुका है। सीमा पार से ही इसे स्टिकी बम भी मिलते थे। राजोरी के कोटरंका में हमला करने के लिए बम भी सीमा पार से आए थे। आतंकी तालिब करीब 2 साल पहले कश्मीर से ऑपरेट होने वाले व्हाटसएप ग्रुप में शामिल हुआ। यहां से उसका संपर्क पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से हुआ।
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वह हैंडलरों से सिगनल, डिब, डार्क एप के जरिए बात करता था। जिस वक्त आतंकी पकड़ा गया, उस समय भी उसकी बात पाकिस्तानी हैंडलरों से हो रही थी। पकड़े जाने के पहले उसे गुलाबगढ़ जाना था। इसके बाद कुलगाम और इसके बाद वह पाकिस्तान में जाने वाला था। तालिब पाकिस्तान में बैठे आतंकी सलमान के संपर्क में था और वहीं उसको टारगेट देता था।
हैंडलरों के कहने पर भाजपा में शामिल हुआ
सूत्रों का कहना है कि तालिब को पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों ने ही टारगेट दिया था कि वह भाजपा में शामिल हो जाए और उनके नेताओं की जानकारी ले, ताकि उनके नेताओं पर आतंकी हमले किए जाएं। इसी के लिए पहले मीडिया का सहारा लिया और फिर पार्टी से जुड़ गया।