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स्वच्छ सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी: निगम चुनाव के बाद भी नहीं सुधरे हालात, जम्मू 329वें स्थान पर खिसका

Thu, 07 Mar 2019 02:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 07 Mar 2019 02:19 AM IST
सार

  • जम्मू शहर की पिछले वर्ष थी 212वीं रैंक
  • श्रीनगर 73 पायदान और नीचे खिसकर 357वें स्थान पर पहुंचा

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swachh survekshan 2019: Jammu City ranking fall to 329, srinagar ranking also decreased
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 की रिपोर्ट में जम्मू की स्थिति और खराब हुई है। राष्ट्रीय रैंकिंग में वह 117 पायदान और नीचे खिसकर 329वें स्थान पर पहुंच गया है। जम्मू को 4 हजार अंकों में कुल 1635.39 अंक ही मिले हैं। पिछले वर्ष की रैंकिंग में जम्मू का 212वां स्थान था। वहीं श्रीनगर की रैंकिंग में भी गिरावट आई है वह 357वें स्थान पर पहुंचा गया है।
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नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 की रिपोर्ट जारी की गई। इसमें जम्मू शहर 329वें स्थान पर है जबकि 2018 की रिपोर्ट में जम्मू को 212वां स्थान मिला था। वहीं 2017 में जम्मू 251वें स्थान पर था। जम्मू शहर ने 2017 के मुकाबले 2018 में अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए 39 पायदान की छलांग लगाई थी। 
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लेकिन इस बार स्थिति काफी दयनीय है। 2018 में जम्मू शहर को 2025.81 अंक मिले थे, वहीं इस बार 1635.39 अंकों से ही संतोष करना पड़ा है। वहीं श्रीनगर को 2019 सर्वेक्षण में 1470.42 अकों के साथ 357वां स्थान मिला है। जबकि इससे पहले श्रीनगर 2018 में 284 और 2017 में 241वें स्थान पर था। 
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नगर निगम चुनाव से भी नहीं बदली सूरत

जम्मू कश्मीर में 13 वर्ष बाद नगर निगम के चुनाव हुए, लेकिन इसका फायदा न राज्य की जनता को मिला न ही शहरों की सूरत बदली। बल्कि पहले की अपेक्षा शहरों की स्वच्छता और सर्विस में गिरावट ही दर्ज की गई है। इसी के चलते पिछले वर्ष के मुकाबले जम्मू 117 और श्रीनगर 73 स्थान पीछे पहुंच गया है। राज्य के दोनों निगमों में पिछले चार महीने में कोई बड़ा काम नहीं हुआ है। सभी जगह काउंसलरों को अब तक वार्डों में काम कराने के लिए फंड नहीं मिला है। जम्मू नगर निगम में चुनाव के बाद जनरल हाउस मीटिंग में काउंसलरों को 10-10 लाख रूपये का फंड जारी करने की बात हुई थी, लेकिन मार्च में अब तक यह फंड जारी नहीं हुआ। इससे शहर के सभी वार्डों में काम ठप पड़े हैं।

"स्वच्छ सर्वेक्षण में जम्मू कई पायदान नीचे खिसका है। मैनपावर की कमी और पिछले कुछ महीनों में काम नहीं हो पाना बड़ा कारण है। अगले वर्ष बड़े स्तर पर बदलाव आएगा। हम टॉप 10 में शामिल होने का पूरा प्रयास करेंगे।"-चंद्र मोहन गुप्ता, मेयर, जम्मू नगर निगम

"ताजा रैंकिंग के अनुसार हम अपनी कमियों को तलाशेंगे कि हम कहां पीछे रह गए। फिलहाल चार नए वार्ड और अन्य वार्डों के विस्तार से भी जिम्मेदारी बढ़ी है। जहां सर्वेक्षण के दौरान संभवत: तैयारी कम रह गई।"-प्रदीप मनहास ,ज्वाइंट कमीश्नर, जम्मू नगर निगम

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