घुसपैठ की साजिश नाकाम: आईबी पर अरनिया सेक्टर में पाकिस्तान की नापाक हरकत, बीएसएफ ने घुसपैठियों को फायरिंग कर खदेड़ा
अरनिया सेक्टर में तैनात जवानों को सीमा पर कुछ संदिग्ध हलचल दिखाई दी। जब उन्होंने इसकी खोजबीन और तलाशी लेनी चाही तो बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजरों के बीच तीखी बहस हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अरनिया सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की कोशिश को सीमा सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया। रविवार की रात सीमा सुरक्षाबल के जवानों ने फायरिंग कर संदिग्धों को खदेड़ दिया। सोमवार सुबह इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। पिछले सप्ताह इसी सेक्टर में बीएसएफ के सतर्क जवानों ने एक ड्रोन को फायरिंग कर खदेड़ दिया था।
सीमा सुरक्षाबल के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि अरनिया सेक्टर में रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे पाकिस्तान की पासवान पोस्ट के नजदीक भारतीय क्षेत्र में पिलर नंबर-62 के पास बीएसएफ जवानों ने पेट्रोलिंग के दौरान आईबी के पास संदिग्ध गतिविधियां देखीं। इसी दौरान पाकिस्तान की ओर से भारतीय जवानों पर टॉर्च की रोशनी की गई। बीएसएफ जवानों ने संदिग्धों को चेतावनी दी तो उन्होंने फायरिंग कर दी।
बीएसएफ ने तत्काल जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलाईं जिसके बाद घुसपैठिए भाग खड़े हुए। पाकिस्तान रेंजर्स सामान्य तौर पर इस इलाके में पेट्रोलिंग नहीं करते, लेकिन अचानक रात के समय पेट्रोलिंग को संदिग्ध हरकत माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से कवर फायर किया गया। बताते हैं कि बीएसएफ की कार्रवाई के बाद जवानों और पाकिस्तानी रेंजरों के बीच तीखी बहस भी हुई। हालांकि, बीएसएफ की ओर से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सोमवार सुबह बीएसएफ की ओर से सर्च अभियान चलाए जाने के साथ की गई तारबंदी की जांच की गई।
लगातार साजिशें रच रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद लगातार घुसपैठ कराने की साजिश में जुटा हुआ है। 29 मई के बाद से तीन बार आईबी पर घुसपैठ की कोशिशें हो चुकी हैं। हालिया घटना में 9 जून को अरनिया एवं आरएस पुरा सेक्टर के मध्य जय किशन पोस्ट के पास ड्रोन नजर आया था जिसे बीएसएफ ने फायरिंग कर खदेड़ दिया था। इससे पहले दो जून को कानाचक में बीएसएफ ने फायरिंग कर ड्रोन को खदेड़ा था। ड्रोन से तीन चुंबक लगी आईईडी गिराई गई थीं। ये तीनों आईईडी प्लास्टिक के टिफिन बॉक्स में थीं। तीनों आईईडी में टाइमर लगा हुआ था। उधर 29 मई को कठुआ जिले के राजबाग इलाके में पुलिस ने ड्रोन को मार गिराया था। ड्रोन के साथ सात स्टिकी बम और कई अंडर बैरल ग्रेनेड (यूबीजी) बरामद किए थे।
पाकिस्तान की ओर से वर्ष 2019 के नवंबर में अरनिया सेक्टर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष-विराम का उल्लंघन किया गया था। संघर्ष विराम जारी रखने के लिए बीएसएफ व पाक रेंजर्स के मध्य कई बार फ्लैग मीट के दौरान शांति बनाए रखने की चर्चा के बाद भी पाक की ओर से कभी ड्रोन तो कभी घुसपैठ कराए जाने का प्रयास किया जाता रहा है।