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मरीजों की डाइट पर संकट बरकरार
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 18 Oct 2014 09:10 PM IST
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जीएमसी सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली डाइट पर संकट बरकरार है। ठेकेदारों पर भुगतान को लेकर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ताज मोहिउद्दीन के समक्ष ठेकेदारों की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये के भुगतान का मामला रखा गया है।
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भुगतान शीघ्र न होने की सूरत में आने वाले दिनों में मरीजों को दी जाने वाली इस सुविधा पर ताला लटकने के आसार भी बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री से इस बाबत पूछने पर उन्होंने कहा कि डाइट देना हमारा काम है, जब बंद होगा देखेंगे।
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उल्लेखनीय है कि जीएमसी सहित एसएमजीएस, साइक्रेटरी, सीडी अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली डाइट के लिए जीएमसी प्रशासन पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की देनदारी बन गई है। इसमें रोजाना हजारों रुपये की डाइट तैयार हो रही है, लेकिन लगातार भुगतान का मामला लटकने से ठेकेदार भी हाथ खींचने लग गए हैं।
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हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने ठेकेदारों को भरोसा दिलाया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और शीघ्र उचित कदम उठाए जाएंगे। डाइट और लांडरी सुविधा के लिए सितंबर 2012 में भी जीएमसी प्रशासन पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की देनदारी होने पर ठेकेदारों ने यूनिट बंद करने के नोटिस दिए थे, जिसके बाद कुछ भुगतान और आश्वासनों पर काम चलाया जाता रहा है।