सूर्य ने जीता वर्ल्ड वुशू चैंपियनशिप में कांस्य पदक
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जकार्ता इंडोनेशिया में हुई 13वीं वर्ल्ड वुशू चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल कर सूर्य भानू प्रताप सिंह ने रियासत और देश का नाम रोशन किया है।
सूर्य ने कई देशों के प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर यह पदक हासिल किया है। राज्य से किसी पहले खिलाड़ी ने वुशू में यह पदक हासिल किया है। इस अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भारत को तीन रजत और एक कांस्य पदक हासिल हुआ।
जम्मू एयरपोर्ट पर शुक्रवार को पहुंचने पर सूर्य और भारत के स्थानीय चीफ कोच कुलदीप हांडू का जोरदार स्वागत किया गया। राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता सूर्य भानू प्रताप ने 60 किलोग्राम भार वर्ग के प्रिलिमरी मुकाबलों में यूएसए के प्रतिद्वंद्वी को मात देकर अगले दौर में जगह बनाई।
इस जोश को बरकरार रखते हुए सूर्य ने प्री-क्वार्टर में श्रीलंका और क्वार्टर में मकाऊ को मात दी, लेकिन सेमीफाइनल में उन्हें रशिया के प्रतिद्वंद्वी से हार देखनी पड़ी।
सांडा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया
जूनियर नेशनल में चार स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुके सूर्य ने वर्ल्ड वुशू चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल कर चीन में हो रहे आगामी सांडा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया है। मणिपुर और भोपाल में कई महीनों तक सूर्य ने कड़ा अभ्यास कर यह मुकाम हासिल किया।
इसी साल केरल में हुई 33वीं नेशनल गेम्स में भानू ने स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके बाद उन्हें इंडिया कैंप में शामिल किया गया। सूर्य ने गत सितंबर में हुए पांचवें पारस कप वुशू चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक हासिल किया था।
इस चैंपियनशिप में राज्य से राजेंद्र सिंह ने भी 75 किलोग्राम भार में कांस्य पदक पर अपने नाम किया था, लेकिन इंडिया कैंप में सूर्य को जगह मिली। इंडिया टीम के चीफ कोच कुलदीप हांडू ने कहा कि सूर्य में आगे जाने का जुनून है और उसने यह साबित किया है। वुशू में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की प्रतिमा चमकी है।