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घाटी में कश्मीरी पंडितों की अचल संपत्तियों का सर्वे 15 दिनों में
Sat, 14 Aug 2021 01:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 14 Aug 2021 01:42 AM IST
सार
- भौतिक सत्यापन के आधार पर सभी रिकॉर्ड व रजिस्टर होंगे अपडेट
- सभी डीसी को अनुपालन रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपने की हिदायत
- आपदा प्रबंधन विभाग ऑनलाइन पोर्टल करेगा विकसित
- विस्थापित अचल संपत्ति अधिनियम के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर सरकार ने घाटी में कश्मीरी पंडितों की अचल संपत्तियों का सर्वे तथा भौतिक सत्यापन 15 दिन में कराने का फैसला किया है। सत्यापन के आधार पर सभी रिकॉर्ड तथा रजिस्टर अपडेट होंगे। सभी जिलों के उपायुक्तों को अनुपालन रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपने की हिदायत दी गई है। इस आशय का आदेश शुक्रवार को राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव शालीन काबरा ने जारी करते हुए इसका सख्ती से अनुपालन करने को कहा है।
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आदेश में कहा गया है कि धार्मिक संपत्तियों पर कब्जे की शिकायतों को भी संबंधित डीसी गंभीरता से लेंगे। इन्हें समयबद्ध तरीके से कब्जामुक्त कराने, उसका स्वरूप बहाल करने की जिम्मेदारी डीसी की होगी। जो कब्जा हटाने के साथ ही कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी करेंगे।
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आदेश में आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग से एक आनलाइन पोर्टल विकसित करने को कहा है, जिसमें विस्थापित आवेदन करके सीमांकन, अतिक्रमण हटाने, धोखाधड़ी आदि मामलों को रख सकते हैं। प्रशासन लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयबद्ध तरीके से इनका निपटारा करेगा। हिदायत दी गई है कि विस्थापित अचल संपत्ति अधिनियम के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।
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