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कश्मीर में सेना ने ली राहत की सांस, बहाल होगी पेट्रोल-डीजल की सप्लाई
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 03 Sep 2016 12:54 PM IST
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बदामी बाग कैंट में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- फोटो : PTI
कश्मीर में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। थोड़ी सी शांति के बाद दोबारा से घाटी के कई हिस्सों में कर्फ्यू है।
इस बीच आवश्यक वस्तुओं की कमी देखते हुए सरकार ने श्रीनगर में बैठक बुलाई और टैंकर चालकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। फलस्वरूप सात दिन के बाद घाटी में आज पेट्रोल, डीजल और केरोसिन के टैंकर भेजेंगे। फिलहाल नुकसान के मुआवजे पर चर्चा अभी बाकी है।
श्रीनगर में सरकार के प्रतिनिधियों और पुलिस के आला अफसरों की बैठक हुई, जिसमें जम्मू के टैंकर के शिष्टमंडल मिले और दो बार हुई बैठक में यह नतीजा सामने आया कि कड़ी सुरक्षा के बीच आज पेट्रोल, डीजल और केरोसिन सहित अन्य चीजों की सप्लाई की जाएगी।
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इस बीच आवश्यक वस्तुओं की कमी देखते हुए सरकार ने श्रीनगर में बैठक बुलाई और टैंकर चालकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। फलस्वरूप सात दिन के बाद घाटी में आज पेट्रोल, डीजल और केरोसिन के टैंकर भेजेंगे। फिलहाल नुकसान के मुआवजे पर चर्चा अभी बाकी है।
श्रीनगर में सरकार के प्रतिनिधियों और पुलिस के आला अफसरों की बैठक हुई, जिसमें जम्मू के टैंकर के शिष्टमंडल मिले और दो बार हुई बैठक में यह नतीजा सामने आया कि कड़ी सुरक्षा के बीच आज पेट्रोल, डीजल और केरोसिन सहित अन्य चीजों की सप्लाई की जाएगी।
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हिंसा में 100 से ज्यादा टैंकर चालक जख्मी
टैकंर
- फोटो : Amar Ujala
बैठक में डिवकॉम कश्मीर, आईजीपी कश्मीर, आईजी ट्रैफिक कश्मीर, आयल टैंकर एसोसिएशन से देवेंद्र सिंह, मनमोहन सिंह और सुरिंद्र सिंह शामिल हुए।
इसके अलावा चीफ सेक्रेटरी बीआर शर्मा, डीजीपी के राजेंद्रा और आर्मी अफसर भी मौजूद थे। सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने सप्लाई बहाल करके सरकार को सहयोग देने का विश्वास दिलाया। इससे पहले दिन के समय टैंकर चालकों ने सातवें दिन घाटी में सप्लाई नहीं भेजी है।
टैंकर चालकों ने अपने-अपने डिपुओं में प्रदर्शन किए। आल जेएंडके टैंकर चालक एंड कंडक्टर एसोसिएशन के महासचिव सुरिंद्र सिंह के मुताबिक 7 दिन से टैंकरों की हड़ताल थी। अब तक 200 से ज्यादा टैंकरों के शीशे टूट चुके हैं और 100 से ज्यादा चालकजख्मी हो चुके हैं, जिन्हें इलाज और नुकसान दोनों पर अपने जेब से पैसे लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा रहा है।
इसके अलावा चीफ सेक्रेटरी बीआर शर्मा, डीजीपी के राजेंद्रा और आर्मी अफसर भी मौजूद थे। सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने सप्लाई बहाल करके सरकार को सहयोग देने का विश्वास दिलाया। इससे पहले दिन के समय टैंकर चालकों ने सातवें दिन घाटी में सप्लाई नहीं भेजी है।
टैंकर चालकों ने अपने-अपने डिपुओं में प्रदर्शन किए। आल जेएंडके टैंकर चालक एंड कंडक्टर एसोसिएशन के महासचिव सुरिंद्र सिंह के मुताबिक 7 दिन से टैंकरों की हड़ताल थी। अब तक 200 से ज्यादा टैंकरों के शीशे टूट चुके हैं और 100 से ज्यादा चालकजख्मी हो चुके हैं, जिन्हें इलाज और नुकसान दोनों पर अपने जेब से पैसे लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा रहा है।