सुंजवां हमला: बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रही जम्मू में हुई ना'पाक' हरकत, जानिए क्यों बौखलाया है जैश-ए-मोहम्मद का सरगना
कश्मीर के बारामूला में गुरुवार से मुठभेड़ जारी है। वहीं, जम्मू के सुंजवान में शुक्रवार तड़के सुबह आतंकियों ने सीआईएसएफ पर हमला किया। जम्मू में दहशत फैलाने के लिए आतंकियों ने पहले भी कई बार कोशिश की है, लेकिन देश के जवानों ने उनके सभी नापाक इरादों को विफल किया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को सांबा की पल्ली में पंचायत दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे पहले आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। कश्मीर और जम्मू में आतंकियों के मंसूबों को सुरक्षाबल लगातार विफल कर रहे हैं। कश्मीर के बारामूला में गुरुवार से मुठभेड़ हो रही है। वहीं, जम्मू के सुंजवान में शुक्रवार तड़के सुबह आतंकियों ने सीआईएसएफ पर हमला किया। यहां सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकियों को मार गिराया है। इससे पहले भी आतंकियों ने जम्मू को दहलाने की कोशिश की है। दहशतगर्दों की हर साजिश को देश की सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम किया है।
जानिए क्यों बौखलाया है जैश-ए-मोहम्मद का सरगना
घाटी में अमन बहाली और युवाओं का मुख्यधारा के प्रति रुझान बढ़ने से जैश-ए-मोहम्मद का सरगना बौखलाया हुआ है। वह घाटी के साथ ही जम्मू संभाग में आतंकी साजिश को अंजाम देने की फिराक में है।
10 फरवरी 2018 को सुंजवां सैन्य कैंप पर फिदायीन हमला
10 फरवरी 2018 को आतंकियों ने जम्मू के सुंजवां सैन्य कैंप पर फिदायीन हमला किया। इसमें 6 सैनिक शहीद हो गए और एक नागरिक मारा गया। सुबह चार आतंकी जम्मू से सटे सुंजवान स्थित सेना के कैंप में घुस गए। आतंकियों ने संतरी के बंकर पर फायरिंग शुरू कर दी और दो ग्रुप में बंटकर कैंप के अंदर घुस गए। कैंप में सेना के परिवारों के लिए बनाए गए फ्लैट में जाकर आतंकी छिप गए थे। सुरक्षाबलों ने चारों आतंकियों को मार गिराया था।
25 मई 2018 की आधी रात को जम्मू बस अड्डे पर आतंकी हमला
सुंजवां आर्मी कैंप पर हमले के करीब चार महीनों बाद जम्मू में फिर आतंकियों ने हमला किया। आतंकियों ने जम्मू बस अड़्डे के पास पुलिस पार्टी को निशाना बना कर ग्रेनेड दागा। इस हमले में जेकेपी के दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। साल 2002 में आतंकियों ने जम्मू की प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर को निशाना बना कर एक साल के भीतर दो बार हमला किया था। जिसमें बारह से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
13 सितंबर 2018 को झज्जर कोटली में आतंकी हमला
जम्मू से 27 किमी दूर झज्जर कोटली इलाके में 13 सितंबर 2018 की सुबह जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर जैश के तीन आतंकियों ने पुलिस के जवानों पर हमला किया। इस हमले में सुरक्षा बल का कोई जवान घायल नहीं हुआ, लेकिन आतंकियों ने खाकी वर्दी पहनकर ड्यूटी पर जा रहे सेरीकल्चर विभाग के माली गणेश दास को गोली मार घायल कर दिया था। आतंकी मौके से भाग निकले थे। सुरक्षाबलों ने बाद में अभियान चला कर उन्हें ढेर किया था।
31 जनवरी 2020 में बन टोल टोल प्लाजा पर आतंकियों ने किया था हमला
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगरोटा इलाके में बन टोल प्लाजा पर 31 जनवरी 2020 को तड़के चार बजे आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया। उस दौरान मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकी मार गिराए थे। गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया था।
27 जून 2021 को जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमला
जम्मू के एयरफोर्स स्टेशन पर 27 जून 2021 को ड्रोन हमला किया गया। देर रात 5 मिनट के अंतर से दो बार धमाकों की आवाज से आसपास रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया था। हालांकि, इन धमाकों का एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। ड्रोन हमला होने के बाद दिन में शहर में आईईडी से विस्फोट किया जाना था, जिसे सुरक्षाबलों ने विफल कर दिया गया। जिस दिन एयरफोर्स स्टेशन पर हमला हुआ। उसी रात बठिंडी से रामबन के रहने वाले नदीम उल हक को पुलिस ने साढ़े पांच किलो आईईडी के साथ पकड़ा गया था।
2021 में जम्मू में ड्रोन की कुछ और प्रमुख घटनाएं
- 27 जून को जम्मू वायुसेना स्टेशन पर हमला किया गया। यह देश में पहला ड्रोन हमला था।
- 27 जून को ही जम्मू के बठिंडी से 5 किलो आईईडी बरामद की गई, जो पाकिस्तान से भेजी गई थी।
- 16 जुलाई को 6 किलो आईईडी लेकर आया ड्रोन अखनूर में पुलिस ने मार गिराया।
- 3 अक्तूबर को जम्मू के फ्लायं मंडाल में ड्रोन से गिराए गए हथियार बरामद किए गए।
- 4 जून को राजोरी एलओसी पर ड्रोन से गिराए गए हथियार बरामद किए गए
- 9 सितंबर को राजोरी में हथियार गिराने के बाद इन्हें लेने वाले तीन लोग गिरफ्तार किए गए