भारत-पाक में कश्मीर मुद्दे पर हो गंभीर चर्चा: गिलानी
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हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष और कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी ने बुधवार को कहा कि भारत-पाक में कश्मीर मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा हो। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बुनियादी मुद्दा कश्मीर विवाद है।
जब तक इस विवाद को कश्मीरी लोगों की इच्छाओं और आकांक्षाओं के अनुसार हल नहीं किया जाता है, तब तक दोनों देशों के बीच बातचीत निरर्थक होगी।
गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने आश्वासन दिलाया था कि पीओके से पाक अपने सैनिकों को वापस लेगा, अगर भारत आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए सहमत हो।
गिलानी के निशाने पर सीएम मुफ्ती
डा. फारूक अब्दुल्ला द्वारा एलओसी को भारत-पाक के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा बनाने संबंधी दिए बयान का जिक्र करते हुए गिलानी ने कहा कि गिलगित, बाल्तीस्तान, पाक अधिकृत कश्मीर, लदाख और जम्मू एवं कश्मीर संभाग समेत यह एक पूरी रियासत है।
यह सभी जम्मू-कश्मीर रियासत का हिस्सा हैं और दुनिया की कोई ताकत हमारी रियासत को नहीं बांट सकती।गिलानी ने अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई की भी मांग की।
गिलानी द्वारा मुफ्ती मोहम्मद सईद पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका ‘बैटल ऑफ आइडियाज’ का नारा कहा गया। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार न कोई गिरफ्तारी करेगी और न ही किसी पर पीएसए थोपेगी, लेकिन इस वर्ष सरकार द्वारा 71 लोगों पर पीएसए लगाया।
गौरतलब है कि इस दौरान गिलानी ने पेरिस हमले की निंदा करते हुए कहा कि अगर ऐसा कोई भी हमला कहीं भी होता है तो इस्लाम उसे कभी भी बढ़ावा नहीं देगा, क्योंकि यह गैर इस्लामिक है।