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जेकेपीएससी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
Updated Mon, 16 Oct 2017 12:08 AM IST
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जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) की तरफ से जारी केएएस-2016 (मेंस) परीक्षा डेट शीट का छात्रों में विरोध है। रविवार को उन्होंने इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया। उनका कहना था कि नतीजा घोषित करने में आयोग ने आठ माह लिए, लेकिन डेट शीट परीक्षा से केवल एक माह पहले जारी की गई, जो अन्यायपूर्ण है।
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उनका कहना था कि अगर पीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा के वक्त ही सावधानी बरती होती तो समस्या खड़ी न होती और अब तक परीक्षा समाप्त हो चुकी होती। उन्होंने पीएससी पर प्रोफेशनलिज्म, पारदर्शिता की कमी केसाथ ही गैर- जिम्मेदाराना रवैये का आरोप लगाया। कहा कि पीएससी ने 2014 मेंस का नतीजा घोषित कर दिया है। यह बेहतर होता कि पहले इंटरव्यू पूरे किए जाते और उसके बाद अंतिम नतीजा एक माह केभीतर घोषित किया जाता। उसके बाद केएएएस-2016 की परीक्षा का आयोजन किया जाता।
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इस तरह केएएस-2014 में चुने गए 51 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा से बच जाते। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि केएएस-2014 के चुने गए अभ्यर्थियों के नाम केएएस-2016 की इंटरव्यू लिस्ट में भी हों। इसका मतलब यह कि अन्य प्रत्याशियों के अवसर घट जाएंगे। इससे ज्यादा दिक्कत भरा यह है कि इंटरव्यू के लिए तैयार होने को अभ्यर्थियों के पास केवल सात दिन होंगे, जो पर्याप्त नहीं।
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उन्होंने उन 429 अभ्यर्थियों का मुद्दा भी उठाया, जिन्हें रिवाइज्ड कट आफ के जरिए पीएससी ने बाहर कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान करते हुए मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी। इस पर पीएससी ने पुन: आपत्ति की। अंतिम निर्णय अभी बाकी है। अगर पीएससी उन्हें बैठने की अनुमति देता भी है तो भी उनके पास तैयराी को बहुत कम समय बचेगा।