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कश्मीर में अब डॉक्टरी पढ़ने साइकिल पर आएंगे छात्र
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 07 May 2016 11:48 PM IST
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डाक्टरी पढ़ने साइकिल पर आएंगे छात्र
- फोटो : Demo Pic.
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कश्मीर में अब डाक्टर बनने के लिए पढ़ाई करने को विद्यार्थी साइकिल पर जाते नजर आएंगे। यही नहीं डाक्टरों को बनाने वाले गुरुओं (फैकल्टी) को भी वालंटियरी निजी वाहनों का कम प्रयोग करके सामूहिक व्यवस्था को अपनाने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की ट्रैफिक लोड को कम करने की अपील पर अमल करते हुए गवर्नमेंट मेडिकल कालेज श्रीनगर (जीएमसी) ने विद्यार्थियों के साथ यह फैसला लिया है।
प्रिंसिपल प्रो. केसर अहमद ने विद्यार्थियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि वे वालंटियरी नई व्यवस्था को अपनाकर साइकिल का अधिक प्रयोग करें। ऐसी व्यवस्था से उनके मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत बनने के साथ कालेज में वाहनों के जमावड़े से निजात मिलेगी। इसके अलावा कारों का त्याग करके सामूहिक तौर पर एक ही कार से गंतव्य तक पहुंचने पर काम किया जाए।
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बैठक में फैसला लिया गया कि एसआरटीसी को कालेज के लिए कुछ बसें चलाने को कहा जाएगा। इसमें विद्यार्थी और फैकल्टी निजी वाहनों को छोड़कर सामूहिक तौर पर बसों में सफर करें। ऐसी व्यवस्था को अपनाने से पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ श्रीनगर शहर को नई शक्ल दी जा सकेगी।
बैठक में विभिन्न विभागों के एचओडी, फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थियों के प्रतिनिधि शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली की तर्ज पर ईवन/ऑड फार्मूले को रियासत में बढ़ते ट्रैफिक लोड को कम करने के लिए वालंटियरी अपनाने की अपील की है।
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की ट्रैफिक लोड को कम करने की अपील पर अमल करते हुए गवर्नमेंट मेडिकल कालेज श्रीनगर (जीएमसी) ने विद्यार्थियों के साथ यह फैसला लिया है।
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प्रिंसिपल प्रो. केसर अहमद ने विद्यार्थियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि वे वालंटियरी नई व्यवस्था को अपनाकर साइकिल का अधिक प्रयोग करें। ऐसी व्यवस्था से उनके मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत बनने के साथ कालेज में वाहनों के जमावड़े से निजात मिलेगी। इसके अलावा कारों का त्याग करके सामूहिक तौर पर एक ही कार से गंतव्य तक पहुंचने पर काम किया जाए।
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बैठक में फैसला लिया गया कि एसआरटीसी को कालेज के लिए कुछ बसें चलाने को कहा जाएगा। इसमें विद्यार्थी और फैकल्टी निजी वाहनों को छोड़कर सामूहिक तौर पर बसों में सफर करें। ऐसी व्यवस्था को अपनाने से पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ श्रीनगर शहर को नई शक्ल दी जा सकेगी।
बैठक में विभिन्न विभागों के एचओडी, फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थियों के प्रतिनिधि शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली की तर्ज पर ईवन/ऑड फार्मूले को रियासत में बढ़ते ट्रैफिक लोड को कम करने के लिए वालंटियरी अपनाने की अपील की है।