हड़ताल से जम्मू संभाग में पेयजल के लिए हाहाकार
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जम्मू संभाग के सभी दस जिलों में सोमवार को पेयजल के लिए हाहाकार रहा। विभाग के करीब तीस हजार मुलाजिमों की काम छोड़ हड़ताल के पहले दिन ही लोग बूंद-बूंद के लिए तरस गए।
राजभवन, मुख्यमंत्री निवास और जम्मू विश्वविद्यालय तक में आंशिक रूप से टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति ही हो पाई। पीएचई विभाग के टैंकर ड्राइवरों के हड़ताल को समर्थन की वजह से हालात और खराब रहे।
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के जम्मू दौरे की वजह से विभाग के आला अधिकारियों के कार्यक्रम में व्यस्त रहने की वजह से हड़ताली मुलाजिमों से वार्ता भी शुरू नहीं हो सकी।
मंगलवार की बैठक में तय होगी रणनीति
मंगलवार को सुबह दस बजे बीसी रोड पर हड़ताली मुलाजिमों की बैठक होगी जिसमें आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। हालांकि हड़ताल मंगलवार सायं आठ बजे तक की है।
पीएचई वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन के झंडे तले हुई हड़ताल को विभाग के 14 हजार के करीब स्थायी कर्मचारियों के अलावा 16703 अस्थायी मुलाजिमों का समर्थन होने से काम छोड़ हड़ताल का व्यापक असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा। संभाग भर में हड़ताल की वजह से पेयजल आपूर्ति लगभग ठप होकर रह गई।
एसोसिएशन के महासचिव सुभाष वर्मा ने कहा कि अस्थायी मुलाजिमों को नियमित करने के लिए नीति निर्धारित करने और उनका लंबित वेतन जारी करने की प्रमुख मांग को लेकर कर्मचारियों ने पिछले काफी अर्से से धरना प्रदर्शन से लेकर भूख हड़ताल तक की।
राजभवन, सीएम निवास तक सप्लाई प्रभावित
इसके बावजूद मसले का हल न होने पर आखिरी विकल्प के तौर पर काम छोड़ हड़ताल की गई है। पीएचई विभाग जम्मू के चीफ इंजीनियर सुशील आइमा का कहना है कि मुलाजिमों की हड़ताल के चलते पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है।
उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन को स्थिति से अवगत करवाया चुका है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के दौरे में प्रशासनिक अधिकारियों के व्यस्त होने के चलते मुलाजिमों से वार्ता नहीं हो पाई। उम्मीद है कि मंगलवार को प्रशासन हड़ताली मुलाजिमों से बातचीत कर समस्या का हल निकालेगा।
पीएचई विभाग के मुलाजिमों की हड़ताल के चलते राजभवन और मुख्यमंत्री निवास तक में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होकर रह गई। राष्ट्रपति के दौरे के अलावा राज्यपाल और मुख्यमंत्री की शहर में मौजूदगी को देखते हुए पीएचई विभाग के अधिकारियों ने अथक प्रयास कर विभाग के कुछ टैंकर चालकों के माध्यम से टैंकरों के माध्यम से राजभवन, मुख्यमंत्री निवास और कुछ अन्य अहम संस्थानों में पेयजल आपूर्ति करवाई।
टैंकर चालकों ने चक्का जाम की चेतावनी दी
पीएचई विभाग के ड्राइवर और क्लीनर यूनियन ने विभागीय मुलाजिमों की मांगों को लेकर दो अगस्त सायं आठ बजे तक मसलों का हल न होने पर तीन सितंबर से जम्मू संभाग में चक्का जाम हड़ताल की चेतावनी दी है। यूनियन के प्रधान करतार चंद दुबे ने अमर उजाला को बताया कि फिलहाल यूनियन एसोसिएशन की हड़ताल का समर्थन कर रही है लेकिन अगर मसलों का हल न हुआ तो तीन सितंबर से यूनियन टैंकरों की चक्का जाम हड़ताल 24 घंटे के लिए कर देगी।
पीएचई वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन की मंगलवार सुबह दस बजे बीसी रोड स्थित चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर में होने वाली बैठक पर लाखों उपभोक्ताओं की निगाहे टिकी हुई है। एसोसिएशन के महासचिव सुभाष वर्मा का कहना है कि हड़ताल मंगलवार सायं आठ बजे तक के लिए है। बहरहाल मंगलवार सुबह दस बजे एसोसिएशन की बैठक में अगली रणनीति का ऐलान कर दिया जाएगा।