जम्मू-कश्मीर: बंद के दौरान कांग्रेस नेता के घर पर पत्थरबाजी, इंटरनेट सेवा ठप
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आतंकी बुरहान वानी की दूसरी बरसी पर कश्मीर में पत्थरबाजी की छिटपुट घटनाओं के बीच बंद का व्यापक असर दिखा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम के कारण अलगाववादी सड़कों पर निकलकर प्रदर्शन नहीं कर सके। पत्थरबाजों ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद के कोकरनाग स्थित घर को निशाना बनाया। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पूर्व मंत्री के घर पर भीड़ ने पथराव किया। पूर्व मंत्री के घर की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने हवाई फायरिंग कर भीड़ को तितर-बितर किया। नौगाम के बुलबुलबाग में पत्थरबाजों ने नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व नेता अब्दुल रसीद के आवास पर भी पथराव किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा बलों ने आतंकी बुरहान वानी के घर की ओर मार्च कर रहे युवकों को रोककर उनका प्रदर्शन विफल कर दिया। इस क्रम में सुरक्षा बलों और पत्थरबाजों के बीच झड़प भी हुई। त्राल के नौदल में कुछ युवक आतंकी के घर की ओर प्रदर्शन निकाल कर जाने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा बलों द्वारा रोके जाने पर युवक पथराव करने लगे। सुरक्षा बलों ने आसूं गैस के गोले छोड़े। अरिगाम में कुछ युवकों ने कर्फ्यू को तोड़ कर मार्च निकालने की कोशिश की जिसे विफल कर दिया गया। आतंकी बुरहान वानी दो साल पहले मुठभेड़ में 8 जुलाई को मारा गया था। आतंक के इस पोस्टर ब्वाय की मौत के बाद घाटी छह महीने तक अशांत रही थीं और 85 लोग मारे गए थे।
बुरहान की बरसी पर अलगाववादियों द्वारा आयोजित बंद का जनजीवन पर असर पड़ा। अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने श्रीनगर के नौहट्टा, खनियार, रैणाबाड़ी, सफाकदल, महाराजागुंज में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाई। अफवाहों पर अंकुश के मद्देनजर इंटरनेट सेवा को ठप कर दिया। बुरहाल के पैतृक आवास त्राल में कर्फ्यू लागू रहा। पुलवामा, शोपियां और कुलगाम में भी पाबंदियां लगाकर प्रदर्शनों को विफल कर दिया गया।
कुलगाम में शनिवार को सुरक्षा बलों की फायरिंग में तीन लोगों की मौत के विरोध में अलगाववादियों ने रविवार को काला दिवस मनाया। बंद के दौरान श्रीनगर समेत घाटी के सभी इलाकों में दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान बंद रहे। लाहनों की आवाजाही भी बंद रही। पुलिस ने अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक को पहले ही नजरबंद कर लिया था।