{"_id":"61fc39e433412d380068baa9","slug":"state-land-rspura-news-jmu2531256164","type":"story","status":"publish","title_hn":"53 कनाल भूमि पर लगाया स्टेट लैंड का बोर्ड, किसानों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
53 कनाल भूमि पर लगाया स्टेट लैंड का बोर्ड, किसानों में रोष
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अरनिया। तहसील कार्यालय द्वारा वीरवार को 53 कनाल भूमि पर स्टेट लैंड का बोर्ड लगाया गया। इस पर उक्त जमीन पर खेतीबाड़ी कर रहे किसान और अन्य ने रोष जताया है। किसानों का कहना है कि जिस जमीन पर बोर्ड लगाया गया है, उसके सभी दस्तावेज किसान के पास मौजूद हैं।
जानकारी के अनुसार सरकारी जमीन को मुक्त करवाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के तहत तहसीलदार पुनिका, नायब तहसीलदार पृथ्वी पाल शर्मा, चौकी प्रभारी अला जयपाल व संबंधित पटवारी ने एसडीएम साउथ अभिषेक अबरोल के नेतृतव में पटवार हल्का करियाल खुर्द की उपजाऊ भूमि के खसरा नंबर 393 पर 53 कनाल सरकारी जमीन का बोर्ड दिया।
इसकी जानकारी होते ही उक्त जमीन के मालिक बोधराज उर्फ बुल्लू पुत्र मुंशी राम निवासी करियाल खुर्द ने इसका विरोध किया। उसने कहा कि अगर ऐसा था तो विभाग द्वारा पहले नोटिस क्यों नहीं दिया गया। कहा कि सत्तर वर्षों से बाप-दादा इसी जमीन पर खेतीबाड़ी करते आ रहे हैं। इंतकाल के दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि उसके नाम पर पूरी गदावरियां हैं और 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद द्वारा रोशनी एक्ट के तहत इस जमीन का मालिकाना हक भी दिया गया है।
विज्ञापन
दस्तावेज होने के बावजूद स्टेट लैंड का बोर्ड लगाना समझ से परे
किसान राजिंदर संधू ने कहा कि समझ नहीं आ रहा कि यह जमीन स्टेट लैंड कैसे हो गई, जबकि इस किसान के पास मालिकाना हक के सभी दस्तावेज हैं। यह तंग करने वाली बात है। सरपंच चंद्र मोहन ने कहा कि विभाग द्वारा स्टेट लैंड का बोर्ड लगाने के बाद यह किसान उक्त खसरा नंबर के कागज लेकर मेरे पास आया था, जिसे देखने के बाद यह साफ हो गया है कि यह स्टेट लैंड नहीं है और यही इसका मालिक है।
तहसील में 264 कनाल रकबा है स्टेट लैंड
मामले में तहसीलदार अरनिया पुनिका ने कहा कि स्टेट लैंड को मुक्त करवाने के लिए चिन्हित किया जा रहा है। अरनिया तहसील में करीब 264 कनाल रकबा स्टेट लैंड है, जिससे जल्द ही चिन्हित करके उक्त भूमि पर स्टेट लैंड का बोर्ड लगाया जाएगा।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार सरकारी जमीन को मुक्त करवाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के तहत तहसीलदार पुनिका, नायब तहसीलदार पृथ्वी पाल शर्मा, चौकी प्रभारी अला जयपाल व संबंधित पटवारी ने एसडीएम साउथ अभिषेक अबरोल के नेतृतव में पटवार हल्का करियाल खुर्द की उपजाऊ भूमि के खसरा नंबर 393 पर 53 कनाल सरकारी जमीन का बोर्ड दिया।
विज्ञापन
इसकी जानकारी होते ही उक्त जमीन के मालिक बोधराज उर्फ बुल्लू पुत्र मुंशी राम निवासी करियाल खुर्द ने इसका विरोध किया। उसने कहा कि अगर ऐसा था तो विभाग द्वारा पहले नोटिस क्यों नहीं दिया गया। कहा कि सत्तर वर्षों से बाप-दादा इसी जमीन पर खेतीबाड़ी करते आ रहे हैं। इंतकाल के दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि उसके नाम पर पूरी गदावरियां हैं और 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद द्वारा रोशनी एक्ट के तहत इस जमीन का मालिकाना हक भी दिया गया है।
विज्ञापन
दस्तावेज होने के बावजूद स्टेट लैंड का बोर्ड लगाना समझ से परे
किसान राजिंदर संधू ने कहा कि समझ नहीं आ रहा कि यह जमीन स्टेट लैंड कैसे हो गई, जबकि इस किसान के पास मालिकाना हक के सभी दस्तावेज हैं। यह तंग करने वाली बात है। सरपंच चंद्र मोहन ने कहा कि विभाग द्वारा स्टेट लैंड का बोर्ड लगाने के बाद यह किसान उक्त खसरा नंबर के कागज लेकर मेरे पास आया था, जिसे देखने के बाद यह साफ हो गया है कि यह स्टेट लैंड नहीं है और यही इसका मालिक है।
तहसील में 264 कनाल रकबा है स्टेट लैंड
मामले में तहसीलदार अरनिया पुनिका ने कहा कि स्टेट लैंड को मुक्त करवाने के लिए चिन्हित किया जा रहा है। अरनिया तहसील में करीब 264 कनाल रकबा स्टेट लैंड है, जिससे जल्द ही चिन्हित करके उक्त भूमि पर स्टेट लैंड का बोर्ड लगाया जाएगा।