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Jammu News: खेतीबाड़ी की ज़मीन पर स्टेट लैंड का बोर्ड लगाने पर भड़के ग्रामीण
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कहा- ग़रीबी नहीं गरीबों को मिटाना चाहते हैं उपराज्यपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मीरां साहिब। क्षेत्र के पंचायत बन सुल्तान में प्रशासन द्वारा खसरा नंबर 167 पर 95 कनाल 11 मरले ज़मीन पर स्टेट लैंड का बोर्ड लगा दिया गया। इसके चलते ग्रामीणों ने मांगों को लेकर रविवार को प्रदर्शन किया।
इस दौरान सरपंच दिया पाल, नायब सरपंच, संगीता देवी, प्रमोद कुमार आदि का कहना था कि जिस ज़मीन पर प्रशासन ने स्टेट लैंड का बोर्ड लगाया है, उसको हमारे दादा परदादा ने खून पसीने से खेती योग्य बनाया है, जिससे हम गुजर बसर कर रहे थे, लेकिन अब हमारे बच्चे रात को सोते नहीं। वह हमसे यह कहते हैं कि अब सरकार ने हमारी ज़मीन हमसे छीन ली है। अब हम अपने परिवार का पालन पोषण कैसे करेंगे।
स्थानीय ग्रामीण प्रमोद का कहना था कि एलजी कहते हैं कि गरीब लोगों को बिलकुल तंग नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि बड़े-बड़े लैंड ग्रोवरों से जमीन वापस लेंगे और छोटे किसानों को तंग नहीं किया जाएगा, पर किया बिलकुल विपरीत। किसानों का कहना था कि प्रशासन द्वारा शुरुआत ही गरीबों से हुई है। उनका कहना था कि यह किसान इस ज़मीन पर अपने खाने के लिए फसल उगते हैं, इस जमीन पर कोई कामर्शियल काम नहीं किया जा रहा। उन्होंने एलजी व गृह मंत्रालय से अपील की कि इस कानून से छोटे किसानों को तंग न किया जाए। क्योंकि यह छोटे किसान जिनके पास 3 से 5 कनाल ज़मीन है, वह बड़ी मुश्किल से गुजर बसर कर रहे हैं।
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मीरां साहिब। क्षेत्र के पंचायत बन सुल्तान में प्रशासन द्वारा खसरा नंबर 167 पर 95 कनाल 11 मरले ज़मीन पर स्टेट लैंड का बोर्ड लगा दिया गया। इसके चलते ग्रामीणों ने मांगों को लेकर रविवार को प्रदर्शन किया।
इस दौरान सरपंच दिया पाल, नायब सरपंच, संगीता देवी, प्रमोद कुमार आदि का कहना था कि जिस ज़मीन पर प्रशासन ने स्टेट लैंड का बोर्ड लगाया है, उसको हमारे दादा परदादा ने खून पसीने से खेती योग्य बनाया है, जिससे हम गुजर बसर कर रहे थे, लेकिन अब हमारे बच्चे रात को सोते नहीं। वह हमसे यह कहते हैं कि अब सरकार ने हमारी ज़मीन हमसे छीन ली है। अब हम अपने परिवार का पालन पोषण कैसे करेंगे।
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स्थानीय ग्रामीण प्रमोद का कहना था कि एलजी कहते हैं कि गरीब लोगों को बिलकुल तंग नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि बड़े-बड़े लैंड ग्रोवरों से जमीन वापस लेंगे और छोटे किसानों को तंग नहीं किया जाएगा, पर किया बिलकुल विपरीत। किसानों का कहना था कि प्रशासन द्वारा शुरुआत ही गरीबों से हुई है। उनका कहना था कि यह किसान इस ज़मीन पर अपने खाने के लिए फसल उगते हैं, इस जमीन पर कोई कामर्शियल काम नहीं किया जा रहा। उन्होंने एलजी व गृह मंत्रालय से अपील की कि इस कानून से छोटे किसानों को तंग न किया जाए। क्योंकि यह छोटे किसान जिनके पास 3 से 5 कनाल ज़मीन है, वह बड़ी मुश्किल से गुजर बसर कर रहे हैं।
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