{"_id":"5f67ae768ebc3e80f7644f42","slug":"state-government-in-the-plan-of-operating-the-sports-stadium-on-ppp-mode-jammu-city-news-jmu2191090159","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीपीपी मोड पर खेल स्टेडियम के संचालन की योजना में प्रदेश सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीपीपी मोड पर खेल स्टेडियम के संचालन की योजना में प्रदेश सरकार
विज्ञापन
जम्मू। सरकारी संस्थाओं में निजीकरण को बढ़ावा देने पर उतारू सरकर अब प्रदेश में स्पोर्ट्स स्टेडियम को भी पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर संचालन करने की योजना बना रही है। इसमें निजी भागीदारों की मदद से स्पोर्ट्स स्टेडियम का रखरखाव और सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। इसको लेकर सरकार नीति तैयार कर रही है, अगले वर्ष इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। प्रदेश में बिजली सहित अन्य विभाग के बाद अब खेल में निजीकरण के बढ़ावा दिया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में स्पोर्ट्स स्टेडियम को पीपीपी मोड पर देने के पीछे अच्छी सुविधाएं और व्यवस्था देने की बात कही जा रही है। वर्तमान में युवा सेवा और खेल विभाग और जेके स्पोर्ट्स काउंसिल के पास प्रदेश भर में 40 के करीब इंडोर और ऑउटडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम हैं। विभाग के पास कर्मचरियों की कमी होने से इन स्टेडियम का रखरखाव करना बड़ी चुनौती बन गई है। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार पीपीपी मोड की ओर रुख कर रही है। स्टेडियमों का रखरखाव और मेंटिनेंस भी पीपीपी मोड पर होगा। इसमें जम्मू के एमए स्टेडियम, श्रीनगर का निर्माणधीन बख्शी स्टेडियम सहित अन्य इंडोर और ऑउटडोर स्टेडियम पीपीपी मोड पर दिए जाएंगे। सरकार ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। सरकार के इस फैसले से खिलाड़ियों को लाभ होगा या नुकसान यह तो समय बताएगा। पीपीपी मोड के फैसले से भविष्य में काउंसिल और युवा सेवा और खेल विभाग में ग्राउंडमैन जैसे पदों की भर्ती पर संकट के बादल गहराएंगे।
-----------
प्रदेश में लंबे समय बाद खेल के बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है। भविष्य में इसके रखरखाव को लेकर आउटसोर्सिंग की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य खेल ढांचे का रखरखाव करना होगा। इसको लेकर तैयारियां चल रही हैं।
विज्ञापन
-फारुख खान, सलाहकार, उप-राज्यपाल
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर में स्पोर्ट्स स्टेडियम को पीपीपी मोड पर देने के पीछे अच्छी सुविधाएं और व्यवस्था देने की बात कही जा रही है। वर्तमान में युवा सेवा और खेल विभाग और जेके स्पोर्ट्स काउंसिल के पास प्रदेश भर में 40 के करीब इंडोर और ऑउटडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम हैं। विभाग के पास कर्मचरियों की कमी होने से इन स्टेडियम का रखरखाव करना बड़ी चुनौती बन गई है। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार पीपीपी मोड की ओर रुख कर रही है। स्टेडियमों का रखरखाव और मेंटिनेंस भी पीपीपी मोड पर होगा। इसमें जम्मू के एमए स्टेडियम, श्रीनगर का निर्माणधीन बख्शी स्टेडियम सहित अन्य इंडोर और ऑउटडोर स्टेडियम पीपीपी मोड पर दिए जाएंगे। सरकार ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। सरकार के इस फैसले से खिलाड़ियों को लाभ होगा या नुकसान यह तो समय बताएगा। पीपीपी मोड के फैसले से भविष्य में काउंसिल और युवा सेवा और खेल विभाग में ग्राउंडमैन जैसे पदों की भर्ती पर संकट के बादल गहराएंगे।
विज्ञापन
-----------
प्रदेश में लंबे समय बाद खेल के बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है। भविष्य में इसके रखरखाव को लेकर आउटसोर्सिंग की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य खेल ढांचे का रखरखाव करना होगा। इसको लेकर तैयारियां चल रही हैं।
विज्ञापन
-फारुख खान, सलाहकार, उप-राज्यपाल