{"_id":"68e2d132d23a41c9680efe63","slug":"srinagar-smart-city-busesoverloading-peoples-face-problems-srinagar-news-c-10-lko1021-730757-2025-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: श्रीनगर में स्मार्ट सिटी बसों में ओवरलोडिंग से लोग परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: श्रीनगर में स्मार्ट सिटी बसों में ओवरलोडिंग से लोग परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- तीन महीनों में स्मार्ट सिटी बसों के 500 चालान काटे जा चुके : एसएसपी ट्रैफिक
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में चलने वाली स्मार्ट सिटी बसों के चालकों की ओर से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और ओवरलोडिंग करने को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है। ओवरलोडिंग से लोग खासे परेशान हैं।
लोगों का कहना है कि स्मार्ट सिटी बसों के चालक खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। वहीं एसएसपी ट्रैफिक श्रीनगर (सिटी) ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि कानून का उल्लंघन चाहे जो कोई भी करे उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है और आगे भी होती रहेगी।
श्रीनगर के स्थानीय निवासी रमीज नजार ने कहा कि वह रोजाना जहांगीर चौक से पंथा तक का सफर स्मार्ट सिटी बस में करते हैं लेकिन महीने में 7-8 बार उन्हें बैठने के लिए सीट मिल पाती है। अक्सर खड़े रहकर सफर करना पड़ता है। बस में बहुत ज्यादा भीड़ होती है। पुलिस को इन बस चालकों के साथ सख्ती से पेश आना चाहिए। एक महिला यात्री बिस्मा नजीर के अनुसार चालक सड़कों पर बहुत तेज गति से बसें दौड़ाते हैं जैसे रनवे पर विमान चल रहे हों। यात्रियों की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं करते यह चालक। पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन
इतना ही नहीं स्मार्ट सिटी बस के बाहर भी लोग अपने आपको सुरक्षित नहीं समझते। राहगीरों का कहना है कि इन बसों की बैटरी ऑपरेटेड होने के चलते आवाज भी नहीं है। इस बीच यह ऐसे ओवरटेक करती हैं कि पता ही नहीं चलता। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। इनके लिए गति सीमा निर्धारित की जानी चाहिए और स्पीड गवर्नर इंस्टाल करने चाहिए।
इस बीच इन स्मार्ट बसों के खिलाफ लगातार आ रही शिकायतों के बीच श्रीनगर ट्रैफिक पुलिस ने बस चालकों पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले तीन महीनों में बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर लगभग 500 चालान काटे गए हैं। एसएसपी ट्रैफिक एजाज अहमद ने बताया कि अधिकारी स्मार्ट सिटी बस चालकों के आचरण पर लगातार नजर रख रहे हैं। जहां भी उल्लंघन देखा जाता है, बिना देरी कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में चलने वाली स्मार्ट सिटी बसों के चालकों की ओर से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और ओवरलोडिंग करने को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है। ओवरलोडिंग से लोग खासे परेशान हैं।
लोगों का कहना है कि स्मार्ट सिटी बसों के चालक खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। वहीं एसएसपी ट्रैफिक श्रीनगर (सिटी) ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि कानून का उल्लंघन चाहे जो कोई भी करे उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है और आगे भी होती रहेगी।
विज्ञापन
श्रीनगर के स्थानीय निवासी रमीज नजार ने कहा कि वह रोजाना जहांगीर चौक से पंथा तक का सफर स्मार्ट सिटी बस में करते हैं लेकिन महीने में 7-8 बार उन्हें बैठने के लिए सीट मिल पाती है। अक्सर खड़े रहकर सफर करना पड़ता है। बस में बहुत ज्यादा भीड़ होती है। पुलिस को इन बस चालकों के साथ सख्ती से पेश आना चाहिए। एक महिला यात्री बिस्मा नजीर के अनुसार चालक सड़कों पर बहुत तेज गति से बसें दौड़ाते हैं जैसे रनवे पर विमान चल रहे हों। यात्रियों की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं करते यह चालक। पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन
इतना ही नहीं स्मार्ट सिटी बस के बाहर भी लोग अपने आपको सुरक्षित नहीं समझते। राहगीरों का कहना है कि इन बसों की बैटरी ऑपरेटेड होने के चलते आवाज भी नहीं है। इस बीच यह ऐसे ओवरटेक करती हैं कि पता ही नहीं चलता। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। इनके लिए गति सीमा निर्धारित की जानी चाहिए और स्पीड गवर्नर इंस्टाल करने चाहिए।
इस बीच इन स्मार्ट बसों के खिलाफ लगातार आ रही शिकायतों के बीच श्रीनगर ट्रैफिक पुलिस ने बस चालकों पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले तीन महीनों में बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर लगभग 500 चालान काटे गए हैं। एसएसपी ट्रैफिक एजाज अहमद ने बताया कि अधिकारी स्मार्ट सिटी बस चालकों के आचरण पर लगातार नजर रख रहे हैं। जहां भी उल्लंघन देखा जाता है, बिना देरी कार्रवाई की जाती है।