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Jammu News: भारी पानी, बदली परिस्थितियों और उमस के बीच कमाल
Sat, 23 Aug 2025 02:59 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 23 Aug 2025 02:59 AM IST
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गर्मी और उमस से बेहाल हुए खिलाड़ियों को चिकित्सा शिविर में दिया गया इलाज। इस दौरान यहां भीड़
- उत्तर प्रदेश के विशाल के स्वर्ण के बाद आया प्रदीप और अभय को मिला कांस्य
श्रीनगर। बदली परिस्थितियों, भारी उमस के बीच उत्तर प्रदेश टीम के खिलाड़ियों ने वीरवार के बाद शुक्रवार को भी कमाल किया। खेलो इंडिया के वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में वीरवार काे विशाल कुमार ने 1000 मीटर स्प्रिंग में स्वर्ण पदक जीता था। शुक्रवार को 500 मीटर डबल में प्रदीप और अभय ने कांस्य पदक जीता।
शुक्रवार को स्वर्ण पदक की आभा से विशाल का चेहरा भी दमक रहा था। मेरठ के बागपत निवासी विशाल ने अमर उजाला को बताया कि बचपन से ही खेलों के प्रति रुझान था। वाटर स्पोर्ट्स को कैरिअर बनाया। साई के भोपाल सेंटर में अभ्यास करता हूं। कयाकिंग, कैनोइंग और रोइंग में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। ये मेरे लिए गौरव की बात है। एक दिन भारत का भी प्रतिनिधित्व करूं इसके लिए प्रयास जारी हैं। एशियन गेम्स के लिए तैयारी कर रहा हूं।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में पहली बार आया हूं। काफी अच्छा अनुभव है, खाना, रहना और अन्य सुविधाएं अच्छी हैं। खेल कोटे से ही पुलिस में नौकरी मिली है। युवाओं से कहना चाहूंगा के पढ़ाई के साथ खेल पर भी ध्यान दें। इसमें भी आप भविष्य बना सकते हैं।
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कांस्य पदक विजेता बुलंदशहर के रहने वाले प्रदीप कुमार ने बताया कि यहां परिस्थितियां थोड़ी कठिन हैं। यहां हाई एल्टिट्यूड में पानी काफी भारी है, पानी में जलीय पौधे हैं जो आपकी मेहनत और बढ़ा देते हैं। नए वातावरण में अभ्यस्त होने में समय लगता है। हमें तैयारी के लिए यहां सिर्फ एक दिन मिला। हालांकि हमने पूरी कोशिश की और कांस्य पदक जीता। हरिद्वार निवासी अभय ने बताया कि पहली बार यहां आए हैं। प्रतियोगिता की परिस्थितियों को छोड़ दें तो यहां का माहौल काफी अच्छा है। प्रबंध भी अच्छे हैं, आने से पहले लगता था कि खानेपीने की थोड़ी परेशानी होगी, लेकिन यहां ऐसा कुछ दिखा नहीं। अच्छे प्रदर्शन के लिए काफी मेहनत की है। रिजल्ट उम्मीद के अनुसार नहीं रहा, आगे और कोशिश करेंगे कि स्वर्ण पदक जीतें।
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उमस से हुए बेहाल, हेल्थ कैंप में मिला इलाज (फोटो)
शुक्रवार को सुबह से ही गर्मी थी। दिन चढ़ा तो गर्मी के साथ उमस भी काफी बढ़ गई। प्रतियोगिता के दौरान काफी खिलाड़ियों की गर्मी से हालत खराब रही। कई को एसकेआईसीसी परिसर में स्वास्थ्य विभाग निदेशालय के लगाए गए हेल्थ कैंप में इलाज दिया गया, जबकि कुछ खिलाड़ियों को ड्रिप भी लगाई गई। दिनभर कैंप में खिलाड़ी इलाज के लिए आते रहे। दोपहर करीब साढ़े 11 बजे पंजाब की एक खिलाड़ी मुकाबले से लौटी तो गर्मी से काफी बेहाल दिखी। ग्राउंड पर आते ही अर्धमूर्छित हो गई, जिसे कैंप में ही इलाज दिया गया। करीब दो घंटे वह कैंप के बेड पर रही।
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डल में तैनात रही एसडीआरएफ और सीआरपीएफ
खेलो इंडिया के वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल के लिए काफी कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। प्रतियोगिता के दौरान डल झील में एसडीआरएफ और आरपीएफ तैनात रही। जैसे ही मुकाबले शुरू होते सतर्कता बढ़ जाती। डल में ही शिकारों में रेफरी तैनात किए गए थे।
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श्रीनगर। बदली परिस्थितियों, भारी उमस के बीच उत्तर प्रदेश टीम के खिलाड़ियों ने वीरवार के बाद शुक्रवार को भी कमाल किया। खेलो इंडिया के वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में वीरवार काे विशाल कुमार ने 1000 मीटर स्प्रिंग में स्वर्ण पदक जीता था। शुक्रवार को 500 मीटर डबल में प्रदीप और अभय ने कांस्य पदक जीता।
शुक्रवार को स्वर्ण पदक की आभा से विशाल का चेहरा भी दमक रहा था। मेरठ के बागपत निवासी विशाल ने अमर उजाला को बताया कि बचपन से ही खेलों के प्रति रुझान था। वाटर स्पोर्ट्स को कैरिअर बनाया। साई के भोपाल सेंटर में अभ्यास करता हूं। कयाकिंग, कैनोइंग और रोइंग में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। ये मेरे लिए गौरव की बात है। एक दिन भारत का भी प्रतिनिधित्व करूं इसके लिए प्रयास जारी हैं। एशियन गेम्स के लिए तैयारी कर रहा हूं।
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उन्होंने कहा कि कश्मीर में पहली बार आया हूं। काफी अच्छा अनुभव है, खाना, रहना और अन्य सुविधाएं अच्छी हैं। खेल कोटे से ही पुलिस में नौकरी मिली है। युवाओं से कहना चाहूंगा के पढ़ाई के साथ खेल पर भी ध्यान दें। इसमें भी आप भविष्य बना सकते हैं।
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कांस्य पदक विजेता बुलंदशहर के रहने वाले प्रदीप कुमार ने बताया कि यहां परिस्थितियां थोड़ी कठिन हैं। यहां हाई एल्टिट्यूड में पानी काफी भारी है, पानी में जलीय पौधे हैं जो आपकी मेहनत और बढ़ा देते हैं। नए वातावरण में अभ्यस्त होने में समय लगता है। हमें तैयारी के लिए यहां सिर्फ एक दिन मिला। हालांकि हमने पूरी कोशिश की और कांस्य पदक जीता। हरिद्वार निवासी अभय ने बताया कि पहली बार यहां आए हैं। प्रतियोगिता की परिस्थितियों को छोड़ दें तो यहां का माहौल काफी अच्छा है। प्रबंध भी अच्छे हैं, आने से पहले लगता था कि खानेपीने की थोड़ी परेशानी होगी, लेकिन यहां ऐसा कुछ दिखा नहीं। अच्छे प्रदर्शन के लिए काफी मेहनत की है। रिजल्ट उम्मीद के अनुसार नहीं रहा, आगे और कोशिश करेंगे कि स्वर्ण पदक जीतें।
उमस से हुए बेहाल, हेल्थ कैंप में मिला इलाज (फोटो)
शुक्रवार को सुबह से ही गर्मी थी। दिन चढ़ा तो गर्मी के साथ उमस भी काफी बढ़ गई। प्रतियोगिता के दौरान काफी खिलाड़ियों की गर्मी से हालत खराब रही। कई को एसकेआईसीसी परिसर में स्वास्थ्य विभाग निदेशालय के लगाए गए हेल्थ कैंप में इलाज दिया गया, जबकि कुछ खिलाड़ियों को ड्रिप भी लगाई गई। दिनभर कैंप में खिलाड़ी इलाज के लिए आते रहे। दोपहर करीब साढ़े 11 बजे पंजाब की एक खिलाड़ी मुकाबले से लौटी तो गर्मी से काफी बेहाल दिखी। ग्राउंड पर आते ही अर्धमूर्छित हो गई, जिसे कैंप में ही इलाज दिया गया। करीब दो घंटे वह कैंप के बेड पर रही।
डल में तैनात रही एसडीआरएफ और सीआरपीएफ
खेलो इंडिया के वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल के लिए काफी कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। प्रतियोगिता के दौरान डल झील में एसडीआरएफ और आरपीएफ तैनात रही। जैसे ही मुकाबले शुरू होते सतर्कता बढ़ जाती। डल में ही शिकारों में रेफरी तैनात किए गए थे।