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श्रीनगर लोकसभा चुनाव: कश्मीरी विस्थापितों के लिए 26 विशेष केंद्र, बोले- घर वापसी की उम्मीद में किया मतदान
Mon, 13 May 2024 06:37 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 13 May 2024 06:37 PM IST
सार
प्रवासी कश्मीरी पंडितों ने बताया कि निकट भविष्य में घर वापसी की उम्मीद को लेकर उन्होंने मतदान किया है। सोमवार को मतदान केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में उनकी भीड़ देखी गई।
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जम्मू के नगरोटा में मतदान करने पहुंचे कश्मीरी पंडित मतदाता
- फोटो : अरुण कुमार
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विस्तार
कश्मीर घाटी से अपने घरों पलायन करने पर मजबूर हुए कश्मीर विस्थापितों के लिए घाटी से बाहर 26 मतदान केंद्र बनाए गए। इनमें जम्मू में 21, दिल्ली में चार और उधमपुर में एक केंद्र में कश्मीरी पंडितों ने वोटिंग की।
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जम्मू में रहने वाले प्रवासी कश्मीरी पंडितों ने बताया कि निकट भविष्य में घर वापसी की उम्मीद को लेकर उन्होंने मतदान किया है। सोमवार को मतदान केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में उनकी भीड़ देखी गई। हालांकि इस दौरान कुछ मतदाताओं ने सूची में उनका नाम न होने का मुद्दा भी उठाया। ऐसे में कुछ निराश होकर बिना वोट किए घर वापिस लौट गए।
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सोमवार को लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के बीच, प्रवासी कश्मीर मतदाताओं को श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र के लिए वोट डालने के लिए जम्मू के बरनाई गांव में विशेष मतदान केंद्र के बाहर कतार में खड़े देखा गया।
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एक प्रवासी पंडित ने कहा कि जिस प्राथमिक मुद्दे पर उन्होंने मतदान किया वह कश्मीरी पंडितों का उनकी मूल धरती पर पुनर्वास है। उन्होंने कहा, 'हम सभी जानते हैं कि कैसे 1990 में कश्मीरी पंडितों को उनकी जड़ों से बेदखल कर दिया गया था। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि उनके पुनर्वास और संसद में प्रतिनिधित्व के बारे में बातचीत हो। हमें अपने वोटों की गिनती करने की जरूरत है। मतदान ही एकमात्र रास्ता है। हम कश्मीर पंडितों के विकास, पुनर्वास और उनके लिए बुनियादी शैक्षिक अधिकारों की बहाली की अपनी मांगों को आगे बढ़ा सकते हैं।'
एक अन्य कश्मीरी पंडित डॉ. रमेश भट ने बताया, 'जो घाव हम पर हैं और अपनी मूल मिट्टी से दूर होने का दर्द है, वह शायद कभी ठीक नहीं होगा। हालांकि, मुझे खुशी है कि चुनाव आयोग ने आज हमारे लिए वोट देने की व्यवस्था अच्छे से की है।'